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जन मित्रम स्कूल के माध्यमिक कक्षा के बच्चों ने घरघोड़ा थाने में समझी कानून-व्यवस्था की असली तस्वीर..

Journalist Amardeep Chauhan
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घरघोड़ा। शिक्षा केवल कक्षा तक सीमित नहीं होती, बल्कि जब बच्चे वास्तविक जीवन की व्यवस्थाओं को करीब से देखते और समझते हैं, तभी सीख पूरी होती है। इसी उद्देश्य से जन मित्रम स्कूल, घरघोड़ा के कक्षा 6वीं से 8वीं तक के विद्यार्थियों ने स्थानीय थाना परिसर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस पहल ने बच्चों को पुलिस व्यवस्था, कानून और समाज में उसकी भूमिका को करीब से जानने का अवसर दिया।

थाने पहुंचने पर बच्चों का स्वागत थाना प्रभारी  एवं पुलिस स्टाफ ने किया। इसके बाद उन्हें थाने की कार्यप्रणाली से परिचित कराया गया। थाना प्रभारी ने सरल और सहज भाषा में बच्चों को बताया कि पुलिस का मुख्य कार्य केवल अपराधियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि समाज में शांति और सुरक्षा बनाए रखना भी है।

भ्रमण के दौरान बच्चों को थाना के विभिन्न हिस्सों का निरीक्षण कराया गया। उन्हें रोजनामचा (डेली डायरी) के बारे में बताया गया, जिसमें हर दिन की गतिविधियों और घटनाओं का रिकॉर्ड दर्ज होता है। इसके अलावा एफआईआर (प्रथम सूचना रिपोर्ट) क्या होती है, इसे कैसे दर्ज किया जाता है और इसका कानूनी महत्व क्या है—इसकी भी जानकारी दी गई।

बच्चों को यह भी समझाया गया कि किसी भी आपात स्थिति में डायल 112 जैसे हेल्पलाइन नंबर पर संपर्क कर तुरंत पुलिस सहायता ली जा सकती है। साथ ही साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों को देखते हुए उन्हें ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी शेयर करने के खतरे जैसी बातों के प्रति जागरूक किया गया।

थाना परिसर में मौजूद हथियारों और सुरक्षा उपकरणों की जानकारी भी बच्चों को दी गई, जिसमें बताया गया कि इनका उपयोग केवल कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए किया जाता है। इसके साथ ही लॉकअप (हिरासत कक्ष) भी दिखाया गया, जहां बच्चों को बताया गया कि आरोपी को कानूनी प्रक्रिया के तहत ही रखा जाता है और उसके भी अधिकार होते हैं।

थाना प्रभारी कुमार गौरव ने बच्चों को यह भी संदेश दिया कि वे कानून का सम्मान करें, किसी भी गलत गतिविधि से दूर रहें और जरूरत पड़ने पर बिना डर के पुलिस से संपर्क करें। उन्होंने बच्चों को “पुलिस आपकी मित्र है” का संदेश देते हुए भरोसा दिलाया कि पुलिस हमेशा जनता की सुरक्षा और मदद के लिए तत्पर रहती है।

इस दौरान विद्यार्थियों ने भी उत्सुकता के साथ कई सवाल पूछे—जैसे पुलिस कैसे काम करती है, अपराधियों को कैसे पकड़ा जाता है, और पुलिस बनने के लिए क्या करना पड़ता है—जिनका अधिकारियों ने विस्तार से जवाब दिया।

स्कूल प्रबंधन ने इस शैक्षणिक भ्रमण को बच्चों के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। उनका कहना था कि इस तरह के प्रयासों से बच्चों में जागरूकता बढ़ती है, कानून के प्रति सम्मान विकसित होता है और वे जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में प्रेरित होते हैं।

कुल मिलाकर, यह भ्रमण केवल एक औपचारिक यात्रा नहीं रहा, बल्कि बच्चों के लिए सीख, जागरूकता और प्रेरणा का एक जीवंत अनुभव बन गया।

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Amar Chouhan

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