घरघोड़ा SDM कार्यालय का RTI पोर्टल अपडेट की प्रतीक्षा में, पुराने रिकॉर्ड हटाने की प्रक्रिया प्रगति पर—डिजिटल सिस्टम में सुधार की आवश्यकता

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
घरघोड़ा (रायगढ़)।
घरघोड़ा एसडीएम कार्यालय के RTI (सूचना का अधिकार) पोर्टल में जनसूचना अधिकारियों (PIO) के नामों को लेकर हाल के दिनों में कुछ तकनीकी असंगतियों की बात सामने आई है। मामला यह है कि पोर्टल पर पूर्व में कार्यरत अधिकारियों के नाम अभी भी प्रदर्शित हो रहे हैं, जबकि वर्तमान पदस्थ अधिकारी का अद्यतन विवरण अपेक्षित रूप से अपडेट नहीं हुआ है।
स्थानीय स्तर पर RTI आवेदकों के बीच इस स्थिति को लेकर थोड़ी भ्रम की स्थिति देखने को मिल रही है, क्योंकि ऑनलाइन पोर्टल और कार्यालय रिकॉर्ड में नामों का समन्वय पूरी तरह समान नहीं दिख रहा है। हालांकि, प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार यह कोई नीतिगत या कार्यप्रणालीगत समस्या नहीं, बल्कि तकनीकी अपडेट और डेटा सिंक्रोनाइजेशन से जुड़ा विषय है, जिसे सुधार प्रक्रिया में लिया गया है।
डिजिटल रिकॉर्ड में समय पर अपडेट की चुनौती
सरकारी पोर्टलों पर अधिकारी परिवर्तन के साथ डेटा अपडेट एक नियमित तकनीकी प्रक्रिया होती है। कई बार स्थानांतरण या पदस्थापना परिवर्तन के बाद संबंधित विवरण को पोर्टल पर अपडेट करने में समय लग जाता है, जिससे पुराने और नए रिकॉर्ड में अस्थायी असंगति दिखाई दे सकती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि ई-गवर्नेंस सिस्टम में इस तरह की स्थिति से बचने के लिए रियल-टाइम डेटा अपडेटिंग और ऑटो-सिंक व्यवस्था को और मजबूत किए जाने की आवश्यकता है।

आवेदकों की अपेक्षा—स्पष्ट और त्वरित जानकारी
RTI आवेदकों का कहना है कि पोर्टल पर यदि अधिकारी का नाम स्पष्ट और अद्यतन रहे, तो आवेदन प्रक्रिया अधिक सहज और पारदर्शी बनती है। इससे न केवल भ्रम की स्थिति समाप्त होगी, बल्कि सूचना प्राप्त करने की प्रक्रिया भी अधिक सरल हो जाएगी।
स्थानीय स्तर पर कुछ आवेदकों ने सुझाव दिया है कि पोर्टल पर “Last Updated” जैसी जानकारी भी प्रदर्शित होनी चाहिए, ताकि पारदर्शिता और बढ़ सके।
प्रशासनिक दृष्टिकोण
प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस प्रकार के पोर्टल नियमित रूप से तकनीकी टीम द्वारा मॉनिटर किए जाते हैं। जैसे ही नामांकन या पदस्थापना में बदलाव होता है, उसे अपडेट करने की प्रक्रिया शुरू की जाती है। संबंधित मामले में भी आवश्यक सुधार कार्य प्रगति पर बताया जा रहा है।
डिजिटल इंडिया की दिशा में बढ़ते कदमों के बीच यह आवश्यक है कि ई-गवर्नेंस सिस्टम और अधिक सटीक और रियल-टाइम हो। घरघोड़ा RTI पोर्टल का यह मामला भी इसी व्यापक प्रक्रिया का हिस्सा माना जा रहा है, जिसे शीघ्र ही तकनीकी सुधार के माध्यम से संतुलित कर लिया जाएगा।
फिलहाल प्रशासन और आवेदकों दोनों की अपेक्षा यही है कि सूचना व्यवस्था और अधिक सरल, स्पष्ट और अपडेटेड स्वरूप में उपलब्ध हो, ताकि RTI का मूल उद्देश्य—पारदर्शिता—और मजबूत हो सके।
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