तेंदूपत्ता बीनने वाले परिवार का बेटा बना IFS अफसर : रायगढ़ के अजय ने बदली तकदीर, मुख्यमंत्री ने बताया ‘वनांचल के विश्वास की जीत’

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायपुर/रायगढ़, 09 मई 2026।
छत्तीसगढ़ के वनांचल से निकलकर एक युवक ने न सिर्फ अपनी किस्मत लिखी, बल्कि पूरे प्रदेश के लिए उम्मीद की नई इबारत भी गढ़ दी। रायगढ़ जिले के संबलपुरी गांव के रहने वाले अजय गुप्ता ने भारतीय वन सेवा (IFS) में चयनित होकर यह साबित कर दिया है कि सीमित संसाधन भी बड़े सपनों की राह नहीं रोक सकते—यदि इरादा मजबूत हो।
तेंदूपत्ता और महुआ संग्रहण करने वाले साधारण परिवार में जन्मे अजय का बचपन जंगलों के बीच बीता। यही जंगल, जो कभी उनके परिवार की आजीविका का साधन थे, अब उनकी जिम्मेदारी बनने जा रहे हैं। देशभर में 91वीं रैंक हासिल कर अजय ने एक लंबा संघर्ष तय किया है, जो किसी भी मायने में आसान नहीं था।

गांव से निकला, देश की सेवा तक पहुंचा सफर
अजय की शुरुआती पढ़ाई गांव में ही हुई। आर्थिक अभावों के बावजूद उन्होंने 10वीं में 92.66% और 12वीं में 91.40% अंक हासिल कर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया। इसके बाद उनका चयन राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT) रायपुर में हुआ, जहां पढ़ाई के दौरान उन्हें लगातार तीन वर्षों तक छात्रवृत्ति मिलती रही।
अजय बताते हैं,
“पहले लगता था कि हमारी दुनिया गांव तक ही सीमित है, लेकिन एनआईटी पहुंचने के बाद नजरिया बदल गया। पहली बार लगा कि हम भी बड़े सपने देख सकते हैं।”
संघर्ष के साथ जुड़ी रही जंगल की सीख
छुट्टियों में अजय अपने माता-पिता के साथ जंगल जाकर तेंदूपत्ता और महुआ इकट्ठा करते थे। वे कहते हैं कि जंगल ने उन्हें सिर्फ जीवनयापन ही नहीं सिखाया, बल्कि अनुशासन, धैर्य और संघर्ष का मूल्य भी समझाया। यही अनुभव आगे चलकर उनकी सोच और लक्ष्य का आधार बना।
सरकारी योजनाओं ने दी मजबूती
अजय की इस उपलब्धि में राज्य सरकार की योजनाओं की अहम भूमिका रही। लघु वनोपज संघ की छात्रवृत्ति और पोस्ट मैट्रिक स्कॉलरशिप ने उनकी पढ़ाई का आर्थिक बोझ काफी हद तक कम किया। इससे वे बिना किसी दबाव के अपनी पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित कर सके।
मुख्यमंत्री और मंत्री ने दी बधाई
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने अजय की सफलता पर प्रसन्नता जताते हुए कहा कि यह उपलब्धि केवल एक व्यक्ति की नहीं, बल्कि छत्तीसगढ़ के वनाश्रित परिवारों के विश्वास और संघर्ष की जीत है। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ऐसे ही प्रतिभाशाली युवाओं को आगे बढ़ाना है।
वहीं वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्री केदार कश्यप ने भी अजय से फोन पर बात कर बधाई दी और इसे वनांचल के युवाओं के लिए ऐतिहासिक प्रेरणा बताया।
प्रेरणा बना एक नाम
अजय गुप्ता आज उन हजारों युवाओं के लिए मिसाल बन चुके हैं, जो सीमित संसाधनों के बावजूद बड़े सपने देखने की हिम्मत रखते हैं। उनका सफर यह बताता है कि सही मार्गदर्शन, निरंतर मेहनत और अवसर मिलने पर कोई भी युवा देश की सर्वोच्च सेवाओं तक पहुंच सकता है।
रायगढ़ के जंगलों से उठी यह कहानी अब पूरे देश के लिए प्रेरणा है—जहां संघर्ष है, वहीं से सफलता की सबसे मजबूत नींव भी तैयार होती है।
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