पंचायत में गड़बड़ी के आरोप: मरम्मत के नाम पर लाखों के गबन की शिकायत, ग्रामीणों ने कलेक्टर से की सख्त कार्रवाई की मांग

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 7 अप्रैल 2026।
रायगढ़ जिले का ग्राम पंचायत बरभौना एक बार फिर सुर्खियों में है। इस बार मामला पंचायत सचिव पर लगाए गए गंभीर आर्थिक अनियमितताओं के आरोपों का है, जिसने गांव की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। नाराज ग्रामीणों ने सोमवार को जिला मुख्यालय पहुंचकर कलेक्टर जनदर्शन कार्यक्रम में लिखित ज्ञापन सौंपा और मामले की निष्पक्ष जांच के साथ कठोर कार्रवाई की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि पंचायत भवन, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र और आंगनबाड़ी भवन के मरम्मत कार्य के लिए शासन से लाखों रुपये की राशि स्वीकृत हुई थी। लेकिन जमीनी हकीकत इससे अलग दिखाई देती है। उनका कहना है कि केवल बाहरी रंग-रोगन कराकर शेष राशि का फर्जी बिल बनाकर भुगतान दिखा दिया गया, जबकि वास्तविक मरम्मत कार्य अधूरा या नगण्य है। इस कथित गड़बड़ी में पंचायत सचिव रामप्रसाद डनसेना का नाम सामने आया है।
इतना ही नहीं, ग्रामीणों ने पंचायत संचालन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि गांव में नियमित रूप से ग्राम सभा का आयोजन नहीं किया जाता और पंचों की सहमति के बिना ही निर्णय लिए जाते हैं। इससे पारदर्शिता और जवाबदेही दोनों प्रभावित हो रही हैं।
गांव की बुनियादी समस्याएं भी अब खुलकर सामने आने लगी हैं। तालाब में पर्याप्त जलभराव न होने से जहां लोगों को दैनिक उपयोग के पानी के लिए परेशानी हो रही है, वहीं पशुओं के लिए भी पानी का संकट गहराता जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि इन समस्याओं के समाधान में भी पंचायत सचिव कोई रुचि नहीं ले रहे हैं।
इसके अलावा, सचिव की अनियमित उपस्थिति के कारण शासकीय कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं। जन्म प्रमाण पत्र, विधवा पेंशन, वृद्धा पेंशन जैसे जरूरी काम समय पर नहीं हो पा रहे, जिससे आम लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।
ग्रामीणों ने कलेक्टर से मांग की है कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता बनी रहे और आम जनता का भरोसा कायम रह सके।
यह मामला न केवल एक पंचायत की कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है, बल्कि ग्रामीण विकास योजनाओं के क्रियान्वयन में निगरानी तंत्र की मजबूती की आवश्यकता को भी उजागर करता है।
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