मुख्यमार्ग में पूर्व सूचना के बिना अचानक चक्काजाम ; 3 नामजद सहित 15 पर केस दर्ज

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
बिना प्रशासनिक अनुमति सड़क जाम कर विरोध प्रदर्शन करना अब महंगा पड़ सकता है। रायगढ़ जिले के सराईपाली–गेरवानी मुख्य मार्ग पर शुक्रवार को हुए चक्काजाम के मामले में पुलिस ने सख्त रुख अपनाते हुए तीन नामजद आरोपियों सहित करीब 15 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के बाद प्रशासन ने साफ संकेत दे दिया है कि आमजन की आवाजाही बाधित करने वाले असंवैधानिक प्रदर्शनों पर अब कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
साप्ताहिक बाजार के पास रोका गया यातायात
घटना 06 मार्च 2026 की है, जब ग्राम सराईपाली साप्ताहिक बाजार के पास कुछ ग्रामीणों ने बिना प्रशासनिक अनुमति सड़क पर बैठकर प्रदर्शन शुरू कर दिया और सराईपाली–गेरवानी मुख्य मार्ग को जाम कर दिया। अचानक हुए इस चक्काजाम से सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई और राहगीरों सहित कर्मचारियों तथा आम नागरिकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ा।
सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस महकमा हरकत में आ गया। मौके पर एसडीएम घरघोड़ा, थाना प्रभारी तमनार, नायब तहसीलदार तमनार सहित पूंजीपथरा और तमनार पुलिस की टीम पहुंची। अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से बातचीत कर उनकी मांगों को सुना और समस्या के समाधान के लिए पहल करने का आश्वासन दिया। साथ ही यह भी स्पष्ट कर दिया गया कि बिना अनुमति मुख्य मार्ग को अवरुद्ध करना कानूनन अपराध है। समझाइश के बाद प्रदर्शनकारियों ने जाम समाप्त किया और कुछ ही देर में सड़क पर वाहनों की आवाजाही फिर से सामान्य हो गई।

बस चालक की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला
इस घटना को लेकर स्थानीय प्लांट के बस चालक ने थाना पूंजीपथरा में रिपोर्ट दर्ज कराई। चालक के अनुसार वह रायगढ़ से कर्मचारियों को लेकर रूपानाधाम स्टील प्लांट, सराईपाली जा रहा था। जब बस साप्ताहिक बाजार के पास पहुंची तो कुछ लोगों ने सड़क जाम कर बस सहित अन्य वाहनों को रोक दिया। इससे कर्मचारियों को समय पर कार्यस्थल पहुंचने में भी दिक्कत हुई।
शिकायत के आधार पर पुलिस ने सराईपाली निवासी पंकज प्रधान, ईश्वर किसान और संदीप भोय उर्फ पप्पू सहित करीब 10 से 15 अन्य लोगों के खिलाफ अपराध क्रमांक 31/2026 दर्ज किया है। यह मामला भारतीय न्याय संहिता की धारा 126(2) और 191(2) के तहत पंजीबद्ध किया गया है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी और आगे की वैधानिक कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

कानून व्यवस्था से समझौता नहीं: एसएसपी
इस मामले को लेकर रायगढ़ जिले के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने भी स्पष्ट संदेश दिया है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में नागरिकों को अपनी बात रखने का पूरा अधिकार है, लेकिन इसके लिए संवैधानिक और वैधानिक प्रक्रिया का पालन करना आवश्यक है। बिना अनुमति सड़क जाम कर आम लोगों की आवाजाही बाधित करना कानून के खिलाफ है और ऐसे मामलों में पुलिस आगे भी सख्ती से कार्रवाई करेगी।
आमजन की सुविधा सर्वोपरि
प्रशासनिक अधिकारियों का कहना है कि किसी भी प्रकार के धरना, रैली या प्रदर्शन के लिए पहले प्रशासन से अनुमति लेना जरूरी है, ताकि व्यवस्था बनाए रखते हुए नागरिकों को असुविधा न हो। अचानक सड़क जाम होने से न केवल यातायात बाधित होता है बल्कि आपातकालीन सेवाओं पर भी असर पड़ सकता है।
सराईपाली की इस घटना के बाद पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दे दिया है कि लोक मार्ग को बाधित कर आंदोलन करने की प्रवृत्ति को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। कानून व्यवस्था और आमजन की सुविधा बनाए रखना प्रशासन की पहली प्राथमिकता है।