होली से पहले घरघोड़ा में कड़ा संदेश: “रंग में खलल डाला तो होगी सीधी कार्रवाई”

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
घरघोड़ा, 28 फरवरी 2026।
होली के रंग चढ़ने से पहले ही प्रशासन ने स्पष्ट कर दिया है कि इस बार उल्लास के साथ अनुशासन भी अनिवार्य रहेगा। घरघोड़ा थाना परिसर में आयोजित शांति समिति की बैठक केवल औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह आने वाले त्योहार के लिए कानून-व्यवस्था की ठोस रूपरेखा तय करने का मंच बनी।
बैठक में प्रशासनिक अधिकारियों, पुलिस अमले, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय पत्रकारों की उपस्थिति ने संकेत दिया कि त्योहार को लेकर इस बार तैयारी बहुस्तरीय है। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) दुर्गा प्रसाद अधिकारी ने दो टूक कहा कि होली रंगों का पर्व है, लेकिन किसी की इच्छा के विरुद्ध रंग लगाना, अभद्र व्यवहार करना या हुड़दंग मचाना न तो परंपरा है और न ही स्वीकार्य।
उन्होंने साफ शब्दों में कहा, “त्योहार की आड़ में यदि किसी ने शांति भंग करने की कोशिश की, तो प्रशासन मूकदर्शक नहीं रहेगा।”

बैठक में यह भी तय हुआ कि संवेदनशील स्थलों पर विशेष निगरानी रखी जाएगी और पुलिस पेट्रोलिंग बढ़ाई जाएगी। असामाजिक तत्वों की पहचान कर पहले से निगरानी सूची तैयार की जा रही है ताकि किसी भी संभावित विवाद को प्रारंभिक स्तर पर ही रोका जा सके।
थाना प्रभारी ने स्पष्ट किया कि डीजे, जुलूस और सामूहिक आयोजनों के लिए निर्धारित नियमों का पालन अनिवार्य होगा। देर रात तक शोर-शराबा, शराब के नशे में उत्पात या सोशल मीडिया के माध्यम से भड़काऊ संदेश प्रसारित करने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जनप्रतिनिधियों ने भी नागरिकों से अपील की कि वे बच्चों और युवाओं को संयमित उत्सव का संदेश दें। त्योहार का आनंद तभी सार्थक है जब वह पूरे समाज को जोड़ने का माध्यम बने, तोड़ने का नहीं।
बैठक का निष्कर्ष एक पंक्ति में समाहित रहा—
“होली खेलें दिल से, लेकिन कानून की सीमा के भीतर।”
प्रशासन का यह सक्रिय रुख साफ संकेत देता है कि घरघोड़ा में इस बार होली केवल रंगों की नहीं, बल्कि जिम्मेदारी और अनुशासन की भी परीक्षा होगी। यदि नागरिक सहयोग करें, तो यह पर्व आपसी सद्भाव का संदेश देगा; अन्यथा व्यवस्था को सख्ती दिखाने में देर नहीं लगेगी।