Latest News

होली से पहले ‘बदमाशों की परेड’: सुधार का मौका, दोबारा चूके तो कड़ी कार्रवाई — पुलिस की दो टूक

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़, 26 फरवरी।
त्योहारी मौसम में कानून-व्यवस्था को लेकर सतर्क पुलिस ने इस बार सख्ती और संवेदनशीलता—दोनों का संदेश एक साथ दिया है। जिले के पुलिस कार्यालय में सौ से अधिक निगरानी बदमाशों, गुंडा सूची में दर्ज व्यक्तियों, सजायाफ्ता और संदिग्ध प्रवृत्ति के लोगों को तलब कर न सिर्फ चेतावनी दी गई, बल्कि उन्हें सामान्य जीवन की राह चुनने का अवसर भी दिया गया।

बैठक का स्वर औपचारिक कम और चेतावनी भरा ज्यादा था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने साफ शब्दों में कहा कि अपराध की दुनिया छोड़कर सम्मानजनक जीवन अपनाने का यही सही समय है—क्योंकि अगली बार शिकायत मिली तो कार्रवाई सीधे कानून के कठोर प्रावधानों के तहत होगी।

थानों से लेकर एसपी कार्यालय तक ‘क्लास’

होली से पहले थाना स्तर पर चिन्हित बदमाशों को बुलाकर समझाइश देने की प्रक्रिया शुरू की गई थी। उसी क्रम को आगे बढ़ाते हुए उन्हें एसपी कार्यालय में सामूहिक रूप से उपस्थित कराया गया। यहां पुलिस अधिकारियों ने अपराध के दुष्परिणाम, परिवार और भविष्य पर पड़ने वाले असर तथा कानून की सख्ती को विस्तार से समझाया।

पुलिस का उद्देश्य सिर्फ डर दिखाना नहीं था, बल्कि यह बताना भी था कि सुधार की राह पर चलने वालों के लिए प्रशासन साथ खड़ा रहेगा।

सुधार, नशामुक्ति और रोजगार—तीनों पर जोर

बैठक में एक अलग संदेश भी उभरा। पुलिस ने कहा कि जो लोग नशे की लत छोड़ना चाहते हैं, उन्हें पुनर्वास केंद्रों और समाज कल्याण विभाग के जरिए मदद दिलाई जाएगी। रोजगार की तलाश कर रहे व्यक्तियों को जिला प्रशासन के समन्वय से अवसर उपलब्ध कराने की पहल भी की जाएगी।

कुछ उपस्थित लोगों ने यह भी बताया कि लंबे समय से उनके खिलाफ कोई शिकायत नहीं है। इस पर वरिष्ठ अधिकारियों ने थाना प्रभारियों को अभिलेखों का सत्यापन कर नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए—ताकि सुधार की दिशा में आगे बढ़े लोगों को अनावश्यक रूप से सूची में न रखा जाए।

त्योहारों में शांति प्राथमिकता

होली के मद्देनजर एसएसपी ने स्पष्ट किया कि छेड़खानी, गुंडागर्दी, नशे में हुड़दंग या किसी भी प्रकार की संदिग्ध गतिविधि पर पुलिस शून्य सहिष्णुता की नीति अपनाएगी। चिन्हित बदमाशों को आगाह किया गया कि त्योहार के दौरान छोटी-सी भी शिकायत उनके खिलाफ कठोर कार्रवाई का कारण बन सकती है।

संदेश केवल चेतावनी नहीं, रणनीति भी

पुलिस अधिकारियों का मानना है कि अपराध नियंत्रण सिर्फ गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि निरंतर निगरानी और सामाजिक पुनर्स्थापन से संभव है। यही वजह है कि इस पहल में चेतावनी के साथ-साथ पुनर्वास और सहयोग की बात भी प्रमुखता से रखी गई।

बैठक में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल सोनी, डीएसपी उत्तम प्रताप सिंह समेत शहर और ग्रामीण थानों के प्रभारी मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने अपराध से दूरी बनाकर सकारात्मक जीवन अपनाने का आश्वासन दिया।

त्योहारी मौसम से पहले यह पहल जिले में एक स्पष्ट संकेत छोड़ गई है—पुलिस सुधार का मौका देती है, लेकिन कानून तोड़ने पर कार्रवाई तय है।

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button