कलेक्टर–एसएसपी की संयुक्त समीक्षा बैठक, 16 बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा एवं सख्त निर्देश जारी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 25 फरवरी 2026।
होली से पहले कानून व्यवस्था को लेकर जिला प्रशासन अलर्ट मोड में नजर आया। कलेक्ट्रेट सभा कक्ष में कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन की संयुक्त अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में नशा मुक्ति से लेकर सड़क सुरक्षा और संवेदनशील मामलों तक 16 महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। बैठक का स्वर स्पष्ट था—लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी और हर विभाग को जवाबदेही के साथ काम करना होगा।
देवगढ़ सहित 16 ब्लैक स्पॉट पर फोकस, दुर्घटनाओं पर सख्ती की तैयारी
बैठक में सड़क दुर्घटनाओं को लेकर विशेष चिंता जताई गई। जिले में चिन्हांकित 16 ब्लैक स्पॉट की बिंदुवार समीक्षा की गई, जिनमें देवगढ़ का नाम प्रमुखता से सामने आया। प्रशासन ने माना कि देवगढ़ मार्ग पर लगातार हो रही घटनाओं को देखते हुए तत्काल सुधारात्मक उपाय जरूरी हैं।
छातामुड़ा चौक, पटेलपाली, कोडातराई, उर्दना तिराहा, जोरापाली, कांशीचुंआ, मुरा चौक, नावापारा चौक, कुनकुरी, सिंसरिंगा घाट, कंचनपुर, दर्रीपारा, फगुरम, तेतला और चोढ़ा के साथ देवगढ़ को दुर्घटना संभावित स्थल के रूप में चिन्हांकित करते हुए निर्देश दिए गए कि हाई मास्ट लाइट, चेतावनी संकेत, रेडियम मार्किंग, स्पीड रडार गन और मार्गदर्शक बोर्ड जैसी व्यवस्थाएं अगली समीक्षा से पहले पूरी कर ली जाएं। पुलिस विभाग को राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर पेट्रोलिंग बढ़ाने को कहा गया।

नशा मुक्ति अभियान: रोकथाम से पुनर्वास तक की रणनीति
समाज कल्याण विभाग की समीक्षा के दौरान नशा मुक्ति अभियान पर प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया। कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि यह राज्य शासन की प्राथमिकताओं में है, इसलिए सिर्फ औपचारिकता नहीं बल्कि जमीन पर असर दिखना चाहिए। नशीली दवाइयों की चपेट में आए नाबालिगों की नियमित काउंसिलिंग और पुनर्वास से जोड़ने पर जोर दिया गया।
एसएसपी ने सुझाव दिया कि नशा छोड़कर सामान्य जीवन जी रहे लोगों को सामने लाकर रोल मॉडल बनाया जाए, ताकि समाज में सकारात्मक संदेश पहुंचे। खाद्य एवं औषधि प्रशासन को मेडिकल स्टोर्स में प्रतिबंधित दवाइयों की बिक्री पर निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए।
हिट एंड रन मामलों में तेजी, लंबित प्रकरणों पर दबाव
हिट एंड रन मामलों की समीक्षा में सामने आया कि तहसील स्तर पर 38 प्रकरण लंबित हैं और 42 मामलों में भुगतान से जुड़ी प्रक्रिया बाकी है। प्रशासन ने समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने को कहा, ताकि पीड़ित परिवारों को राहत मिल सके।
अजा/अजजा प्रकरणों में संवेदनशीलता, गुणवत्तापूर्ण विवेचना पर जोर
अत्याचार निवारण अधिनियम के तहत दर्ज मामलों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई के निर्देश दिए गए। अधिकारियों से कहा गया कि दाण्डिक प्रकरणों की विवेचना मजबूत हो और न्यायिक प्रक्रिया में देरी न हो।

होली, परीक्षाएं और कानून व्यवस्था—तीन मोर्चों पर तैयारी
होली पर्व को देखते हुए सभी एसडीएम और पुलिस अधिकारियों को शांति समिति की बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए। धरना, प्रदर्शन और रैली के लिए वैधानिक अनुमति की अनिवार्यता पर भी जोर दिया गया। बोर्ड परीक्षाओं के दौरान न्यायालयीन आदेशों के पालन और शांत वातावरण बनाए रखने की जिम्मेदारी तय की गई।
जेल सुधार, औद्योगिक सुरक्षा और अवैध गतिविधियों पर संयुक्त कार्रवाई
जिला जेल से जुड़े मामलों में बंदियों के स्वास्थ्य परीक्षण, कौशल विकास प्रशिक्षण और योग जैसी सुधारात्मक गतिविधियों को नियमित रखने के निर्देश दिए गए। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेशी की व्यवस्था जारी रखने की जानकारी भी दी गई।
बैठक में औद्योगिक सुरक्षा की मॉनिटरिंग, अवैध उत्खनन पर संयुक्त कार्रवाई, आबकारी प्रकरणों की समीक्षा, नशीली दवाइयों और अवैध शराब पर रोकथाम, पशु क्रूरता अधिनियम के तहत वाहन जप्ती, चिटफंड मामलों की प्रगति तथा पीएम और हिस्टोपैथोलॉजी रिपोर्ट से जुड़े लंबित मामलों पर भी चर्चा हुई।
बैठक के अंत में प्रशासन ने साफ संदेश दिया—कानून व्यवस्था से जुड़े मामलों में ढिलाई नहीं चलेगी। देवगढ़ सहित चिन्हांकित संवेदनशील स्थलों पर त्वरित सुधार और नशा मुक्ति अभियान की प्रभावी क्रियान्वयन के साथ जिले में शांति और सुरक्षा बनाए रखने पर जोर दिया गया।
बैठक में अपर कलेक्टर अपूर्व प्रियेश टोप्पो, रवि राही, डॉ. प्रियंका वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, नगर पुलिस अधीक्षक मयंक मिश्रा सहित सभी एसडीएम, तहसीलदार और संबंधित विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।