ऑपरेशन ‘शंखनाद’ की गूंज: तमनार पुलिस ने गौवंश तस्करी पर कसा शिकंजा, दो आरोपी गिरफ्तार

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 23 फरवरी। जिले में गौवंश तस्करी पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे “ऑपरेशन शंखनाद” के तहत तमनार पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। ग्राम गोढी-बासनपाली मार्ग पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने दो तस्करों के कब्जे से 8 गौवंशों को मुक्त कराया और आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में जिले में गौवंश संरक्षण को लेकर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मुखबिर से मिली सूचना पर तमनार थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चुहकीडीपा रोड, गोढी क्षेत्र में घेराबंदी की। पुलिस टीम ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को गौवंशों को क्रूरतापूर्वक हांकते हुए पकड़ा।
पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम देव लाल मिंज (26 वर्ष) एवं रंजीत तिर्की (28 वर्ष) बताया, जो लैलूंगा थाना क्षेत्र के करवारजोर इलाके के निवासी हैं। प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि उन्होंने आसपास चर रहे पालतू गौवंशों को पकड़कर भूखे-प्यासे हालत में पैदल ओडिशा के बूचड़खाने की ओर बिक्री के उद्देश्य से ले जाना शुरू किया था।
पुलिस ने मौके पर गवाहों की उपस्थिति में 8 नग गौवंश, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 10 हजार रुपये बताई गई है, बरामद कर विधिवत जप्ती पंचनामा तैयार किया। आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 6, 10, 11 और 12 के तहत थाना तमनार में अपराध क्रमांक 40/2026 दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया।
कार्रवाई का नेतृत्व थाना प्रभारी निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर ने किया। टीम में प्रधान आरक्षक देव प्रसाद राठिया, आरक्षक उषारानी तिर्की तथा आरक्षक पुरुषोत्तम सिदार की भूमिका उल्लेखनीय रही, जिनकी तत्परता से यह कार्रवाई संभव हो सकी।
इस कार्रवाई के बाद एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि गौवंश तस्करी और पशुओं के प्रति क्रूरता के मामलों में किसी भी प्रकार की ढिलाई नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन शंखनाद के तहत ऐसे अपराधों पर निरंतर नजर रखी जा रही है और दोषियों के विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई जारी रहेगी।
जिले में लगातार हो रही इस तरह की कार्रवाइयों से यह संकेत मिल रहा है कि पुलिस अब संगठित रूप से गौवंश तस्करी के नेटवर्क पर प्रहार करने की रणनीति पर काम कर रही है। तमनार की यह कार्रवाई न केवल एक आपराधिक गतिविधि पर रोक लगाने का प्रयास है, बल्कि पशु संरक्षण को लेकर प्रशासन की प्राथमिकता को भी रेखांकित करती है।