रायगढ़ में दिल दहला देने वाला दिन: अलग-अलग इलाकों में तीन आत्महत्याएं, युवती-महिला-युवक ने फांसी लगाकर दी जान
फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में शुक्रवार का दिन बेहद दुखद खबरों के नाम रहा। जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से आत्महत्या की तीन घटनाएं सामने आईं, जिनमें एक युवती, एक विवाहिता महिला और एक युवक ने फांसी लगाकर अपनी जीवन लीला समाप्त कर ली। इन घटनाओं से पूरे शहर में शोक और चिंता का माहौल है। पुलिस ने तीनों मामलों में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
जूटमिल थाना क्षेत्र: 25 वर्षीय युवती ने घर में लगाई फांसी
पहली घटना शहर के जूटमिल थाना क्षेत्र के कबीर चौक की है। यहां रहने वाली पूजा क्षत्रीय (25 वर्ष) ने बीती रात अपने ही घर में पंखे से फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। शुक्रवार सुबह परिजनों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेजा। आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है।
सिटी कोतवाली क्षेत्र: पारिवारिक पीड़ा ने ली विवाहिता की जान
दूसरा मामला सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र के ढिमरापुर इलाके का है। दीनदयाल कॉलोनी के पास रहने वाली ज्योति चौहान (24 वर्ष) ने शुक्रवार सुबह करीब छह बजे अपने घर में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों के मुताबिक ज्योति ने छह साल पहले प्रेम विवाह किया था, लेकिन एक साल पहले उसका पति उसे छोड़कर चला गया था। एक छोटी बेटी की जिम्मेदारी के साथ वह मायके में रहकर मजदूरी कर जीवन यापन कर रही थी। पारिवारिक तनाव और अकेलेपन के बीच उसने यह कदम उठा लिया।
मधुबनपारा: 27 वर्षीय युवक की संदिग्ध आत्महत्या
तीसरी घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के मधुबनपारा की है। यहां रहने वाला अशोक पटेल (27 वर्ष) रोज की तरह रात में भोजन करने के बाद अपने कमरे में सोने चला गया था। सुबह जब परिजन उसे जगाने पहुंचे तो वह फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना की जानकारी तुरंत पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराया और जांच शुरू कर दी है।
पुलिस जांच में जुटी, कारणों की तलाश जारी
तीनों ही मामलों में पुलिस ने मर्ग पंचनामा की कार्रवाई पूरी कर ली है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की जांच की जाएगी। आत्महत्या के पीछे व्यक्तिगत, पारिवारिक या मानसिक कारणों की भी पड़ताल की जा रही है।
लगातार सामने आ रही ऐसी घटनाओं ने समाज में मानसिक तनाव, पारिवारिक टूटन और सामाजिक दबाव जैसे गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जरूरत इस बात की है कि समय रहते ऐसे लोगों को सहारा और संवाद मिले, ताकि कोई और जिंदगी यूं खामोशी से खत्म न हो।