मशीन जब्त, 54 टन कोयला बरामद… फिर भी नहीं रुक रहा धरमजयगढ़ में अवैध खनन

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
धरमजयगढ़ में अवैध कोयला खनन पर किसकी जिम्मेदारी? विभागों की उदासीनता पर उठने लगे सवाल?
रायगढ़। धरमजयगढ़ क्षेत्र में अवैध कोयला खनन और उसके परिवहन को लेकर अब लोगों के मन में कई सवाल उठने लगे हैं। क्षेत्र में लगातार हो रही कार्रवाई के बावजूद अवैध कोयला खनन पूरी तरह से रुकता हुआ नजर नहीं आ रहा है। इससे यह प्रश्न खड़ा हो गया है कि आखिर इस पूरे मामले में कार्रवाई करने की जिम्मेदारी किस विभाग की है।
कुछ दिनों पूर्व बोरो गांव के नदी किनारे से एक चेन माउंटेन मशीन को जप्त किया गया था। इसके बाद खनिज विभाग ने लगभग 54 टन अवैध कोयला भी जप्त किया। इसके बावजूद बोरो और संगरा क्षेत्र में अभी भी अवैध कोयले के भंडारण और खनन की खबरें सामने आ रही हैं।
हाल ही में 3 मार्च को भी कार्रवाई करते हुए एक सोनालिका ट्रैक्टर को पकड़ा गया और इस मामले में एक व्यक्ति सज्जाद मोहम्मद उर्फ जादू को भी हिरासत में लिया गया। इसके बाद भी क्षेत्र में अवैध गतिविधियां जारी रहने की बात सामने आ रही है।
अब सबसे बड़ा सवाल यह खड़ा हो गया है कि आखिर इन अवैध गतिविधियों पर प्रभावी कार्रवाई कौन करेगा। बताया जा रहा है कि जिस जमीन से कोयला निकाला जा रहा है वह राजस्व विभाग के अंतर्गत आती है, वहीं कोयला निकालने के लिए जो रास्ता और मशीनें लगाई गई हैं वह वन विभाग की जमीन पर है। जबकि निकाला गया कोयला खनिज विभाग के अधिकार क्षेत्र में आता है।
ऐसे में तीन विभागों—राजस्व, वन और खनिज—की जिम्मेदारी तय होना जरूरी हो गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब तक संबंधित विभाग संयुक्त रूप से सख्त कार्रवाई नहीं करेंगे, तब तक अवैध कोयला खनन और परिवहन पर पूरी तरह रोक लगाना मुश्किल होगा।
अब लोगों की नजर इस बात पर टिकी हुई है कि आखिर धरमजयगढ़ में अवैध कोयला तस्करों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने के लिए जिम्मेदार अधिकारी कब सामने आएंगे और कब इस पर ठोस कदम उठाए जाएंगे।