घरघोड़ा जनपद में अधिकारी चुस्त , सचिव सुस्त .. सुस्त सचिव को दो पंचायतों का प्रभार सवालों के घेरे में में

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। घरघोड़ा जनपद पंचायत के अंतर्गत कई ग्राम पंचायतों में सचिवों की लापरवाही से ग्रामीणों के कामकाज प्रभावित हो रहे हैं। आरोप है कि अधिकांश पंचायतों में सचिव अपने दायित्वों के प्रति गंभीर नहीं हैं, बावजूद इसके कई सचिवों को एक साथ दो-दो पंचायतों की जिम्मेदारी सौंप दी गई है, जिससे व्यवस्थाएं और अधिक प्रभावित हो रही हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि पंचायतों में सूचना के अधिकार (RTI) को भी गंभीरता से नहीं लिया जा रहा है। आवेदन देने और निर्धारित शुल्क जमा करने के बाद भी जानकारी उपलब्ध नहीं कराई जा रही है। इतना ही नहीं, प्रथम अपीलीय अधिकारी द्वारा जानकारी देने के आदेश के बाद भी संबंधित सचिव द्वारा जानकारी नहीं दी जा रही है।

ऐसा ही मामला ग्राम पंचायत पोरडा और बरौद का सामने आया है, जहां सचिव शांति पैंकरा को दोनों पंचायतों का प्रभार दिया गया है। आरोप है कि आरटीआई आवेदन के बाद सचिव द्वारा जानकारी देने के लिए भुगतान की मांग की गई थी। आवेदक ने नियमानुसार भुगतान भी किया, लेकिन इसके बावजूद जानकारी उपलब्ध नहीं कराई गई।
जानकारी नहीं मिलने पर आवेदक ने प्रथम अपील प्रस्तुत की। अपीलीय अधिकारी द्वारा जानकारी उपलब्ध कराने के आदेश जारी होने के बाद भी सचिव द्वारा आदेश का पालन नहीं किया गया। इससे यह आशंका जताई जा रही है कि पंचायतों में कहीं न कहीं बड़े स्तर पर अनियमितताएं या भ्रष्टाचार छिपा हो सकता है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि जब अपीलीय अधिकारी और जनपद पंचायत के सीईओ के आदेशों का भी पालन नहीं हो रहा है, तो इससे प्रशासनिक व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। वहीं शांति पैंकरा को बरौद के सचिव पद में रहते हुए पोरडा अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। एक ही सचिव को दो-दो पंचायतों का प्रभार दिए जाने को लेकर भी चर्चा तेज है। ग्रामीणों का मानना है कि इसके पीछे या तो बड़ा भ्रष्टाचार है या फिर किसी प्रकार का राजनीतिक हस्तक्षेप।
ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि पंचायत स्तर पर पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित हो सके।