नए साल में भ्रष्टाचार पर पहली बड़ी चोट: धर्मजयगढ़ SDM कार्यालय का बाबू एक लाख की रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार (देखें वीडियो)

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम
नए वर्ष 2026 की शुरुआत छत्तीसगढ़ में भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त संदेश के साथ हुई है। आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो/एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) ने रायगढ़ जिले के धर्मजयगढ़ में अपनी साल की पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई करते हुए SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक को एक लाख रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई न सिर्फ प्रशासनिक गलियारों में चर्चा का विषय बनी है, बल्कि आम लोगों के बीच यह भरोसा भी जगा रही है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ कार्रवाई अब कागजों तक सीमित नहीं रह गई है।
ACB बिलासपुर इकाई के अनुसार, यह पूरा मामला ग्राम अमलीटिकरा, तहसील धर्मजयगढ़ निवासी राजू कुमार यादव की शिकायत से सामने आया। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसने गांव में भूमि क्रय की थी, जिसकी विधिवत रजिस्ट्री और नामांतरण प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी। इसके बावजूद SDM कार्यालय में पदस्थ बाबू अनिल कुमार चेलक उसे यह कहकर डराता रहा कि जमीन की रजिस्ट्री गलत तरीके से हुई है और इस संबंध में प्रकरण दर्ज है।
डर दिखाकर मांगी दो लाख की रिश्वत
शिकायत के मुताबिक, बाबू ने इस कथित प्रकरण को “नस्तीबद्ध” करने के एवज में दो लाख रुपये की रिश्वत की मांग की। शिकायतकर्ता रिश्वत देने के पक्ष में नहीं था और उसने सीधे ACB का दरवाजा खटखटाया। 24 दिसंबर 2025 को शिकायत दर्ज होने के बाद ACB ने मामले का सत्यापन कराया, जिसमें रिश्वत मांगने की पुष्टि हुई। इसके बाद पहली किस्त के रूप में एक लाख रुपये लेने पर आरोपी की सहमति बनी और ट्रैप की योजना तैयार की गई।
शासकीय आवास में हुआ नाटकीय घटनाक्रम
2 जनवरी 2026 को शिकायतकर्ता तय योजना के अनुसार एक लाख रुपये की राशि लेकर आरोपी के धर्मजयगढ़ स्थित शासकीय आवास पहुंचा। जैसे ही आरोपी ने रिश्वत की रकम हाथ में ली, उसे संदेह हुआ और उसने आवास का दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। स्थिति उस वक्त और नाटकीय हो गई जब डर के मारे आरोपी ने रिश्वत की रकम आवास के पीछे दीवार पार एक बैग में फेंक दी।
ACB टीम पहले से सतर्क थी। दबाव बनाने पर आरोपी ने दरवाजा खोला। शुरुआती पूछताछ में उसने रकम से अनभिज्ञता जताई, लेकिन कड़ी पूछताछ के दौरान उसने स्वीकार किया कि रिश्वत की रकम उसने पीछे फेंकी है। ACB स्टाफ ने मौके पर मौजूद रहकर वह पूरी घटना देखी और बाद में एक लाख रुपये की रिश्वत राशि बरामद कर जब्त कर ली।
भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत केस दर्ज
ACB बिलासपुर के डीएसपी अजितेश सिंह ने बताया कि आरोपी बाबू अनिल कुमार चेलक के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 7 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है और आगे की विधिक कार्रवाई जारी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भ्रष्ट अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ ACB का अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
पहली ट्रैप कार्रवाई, बड़ा संदेश
गौरतलब है कि वर्ष 2026 की यह छत्तीसगढ़ में पहली बड़ी ट्रैप कार्रवाई मानी जा रही है। इससे पहले 2 जनवरी 2025 को ACB बिलासपुर ने जांजगीर जिले में हथकरघा विभाग के निरीक्षक को 50 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए गिरफ्तार किया था, जो उस वर्ष की पहली कार्रवाई थी।
धर्मजयगढ़ की इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह साबित कर दिया है कि सरकारी दफ्तरों में बैठे भ्रष्ट तत्व चाहे जितनी चालाकी दिखाएं, कानून की नजर से बचना अब आसान नहीं है। आम नागरिकों के लिए यह घटना एक संदेश भी है—डरने के बजाय यदि शिकायत की जाए, तो सिस्टम के भीतर भी इंसाफ की गुंजाइश मौजूद है।