बुढ़िया नर्सरी में CPT का बड़ा खेल – मशीनों से हुआ काम, कागज़ों में दिखाई जाएगी मजदूरी!

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम RDF मिलूपारा कूप क्रमांक 6, कक्ष क्रमांक 745 (वर्ष 2025–26)
तमनार रेंज में उजागर हुआ बड़ा अनियमितता का मामला, अब देखना होगा इस खबर का क्या असर पड़ता है
तमनार/रायगढ़। वन विभाग के CPT कार्यों को लेकर लगातार उठ रहे सवालों के बीच तमनार रेंज की बुढ़िया नर्सरी से बड़ा खुलासा सामने आया है। वर्ष 2025–26 में किए गए CPT कार्य में यह बात साफ हो चुकी है कि जिस काम को नियमों के अनुसार स्थानीय हितग्राहियों व मजदूरों से करवाया जाना चाहिए था, वह पूरा मशीनों से कराया गया है।
विश्वस्थ सूत्रों का दावा है कि बुढ़िया नर्सरी में CPT कार्य 100% मशीनों से करवाया गया, जबकि कागजों में इसे व्यक्तियों से करवाया गया दिखाने की तैयारी चल रही है। यह न सिर्फ विभागीय प्रक्रिया के विपरीत है, बल्कि मजदूरी और बजट को कागज़ों के आधार पर समायोजित करने की योजना का गंभीर संकेत भी देता है।
सूत्र बताते हैं कि मशीनों से तेजी से काम निपटाकर अब इसे पूरा मानने की कवायद चल रही है, जबकि इसका असली उद्देश्य हितग्राहियों को रोजगार देना था। इस तरह मशीनों से काम करवाकर मजदूरी को कागजों में दर्शाना सीधे–सीधे अनियमितता और भ्रष्टाचार का परिचायक माना जा रहा है।

हमनें यह पूरी जानकारी संबंधित अधिकारियों तक पहुँचा दी है।
अब बड़ा सवाल यही है कि इस खबर का विभाग पर क्या असर होगा?
क्या अधिकारी इस मामले को गंभीरता से लेकर कार्रवाई करेंगे,
या फिर यह मामला भी रद्दी फाइलों में दबाकर समाप्त कर दिया जाएगा?
ग्रामीणों में चर्चा तेज है कि यदि बुढ़िया नर्सरी में इतना बड़ा खेल पकड़ा गया है, तो संभव है कि अन्य CPT कार्यों में भी इसी तरह की गड़बड़ियां चल रही हों। कई लोग यह भी कहते हैं कि मशीनों से CPT कार्य करवाना हितग्राहियों का अधिकार छीनने जैसा है।
वर्तमान खुलासे ने वन विभाग की पारदर्शिता पर बड़ा सवाल खड़ा कर दिया है।
अब सभी की निगाहें इसी बात पर टिकी हैं कि यह खुलासा विभाग को कार्रवाई के लिए मजबूर करेगा या फिर यह मामला धीरे–धीरे ठंडा पड़ जाएगा।
फिलहाल, बुढ़िया नर्सरी में मशीनों से हुआ CPT कार्य पूरे मामले को बेहद गंभीर बना चुका है और अब आगे क्या होता है, वही देखने योग्य होगा।
समाचार सहयोगी नरेश राठिया