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माइंस और प्लांटों में ड्राईवरों और श्रमिकों के लिए कितनी सुविधाएं?

भीषण गर्मी में छांव, हवा, ठंडे पानी और खाने पीने को तरसने की मजबूरी

घंटों लोडिंग लेने के लिए ट्रक की केबिन में बैठे रहते हैं ड्राइवर, गाड़ी से उतरने पर दी जाती है ब्लैक लिस्ट करने की चेतावनी

खराब सड़क, जाम की स्थिति और प्रबंधन की लापरवाही से कई घंटे गाड़ी में बिताने को मजबूर होते हैं ड्राइवर

एक ट्रिप लोडिंग बिल्टी/पर्ची के लिए होता है 8 से 10 घंटे गाड़ी के केबिन में ही इंतजार

रायगढ़। शुक्रवार को अडाणी माइंस तमनार में ट्रक के केबिन में ही बिहार निवासी एक ड्राइवर की मौत के बाद औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग के साथ ही प्रशासन भी अब निशाने पर है। माइंस परिसर में सुरक्षा के अलावा निचले स्तर के कर्मचारियों के लिए सुविधाएं नाकाफी हैं। शुक्रवार को भीषण गर्मी में शक्ति निवासी ट्रांसपोर्टर आलोक सिंह के एक ड्राइवर की ट्रक के अंदर ही मौत हो गई थी। वहीं बड़े भंडार स्थित अडाणी पावर प्लांट में भी बीते गुरुवार को मातारानी ट्रांसपोर्ट के एक ड्राइवर की भी मौत हो गई रही। ड्राइवर किशोर पासवान ऊर्फ विनोद पासवान निवासी खपरा, जिला रोहतास, बिहार लोडिंग के लिए पार्किंग में गाड़ी खड़ा किया और ट्रक में ही आखिरी नींद सो गया।

शाम 4 बजे उसे उठाने की कोशिश की गई लेकिन वह नहीं उठा। भीषण गर्मी से उसकी मौत होने की बात कही जा रही है। घटना के बाद अगले दिन ड्राइवरों की सुविधा और जान की सुरक्षा के लिए ट्रांसपोर्ट यूनियन (जिला वाहन मालिक संघ रायगढ़) ने लामबंद होकर बवाल मचा दिया। अडानी कंपनी से सुविधा, सुरक्षा और मुआवजे की मांग की जाती रही । इस घटना ने औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की पोल खोल दी है। श्रमिक स्तर के कर्मचारियों के हितों का ध्यान रखने के लिए इस विभाग को तैनात किया गया है, लेकिन प्लांटों और माइंस में हादसे के समय ही उप संचालक मनीष श्रीवास्तव दौरा करते हैं।
इसके बाद श्रमिकों के हितों से विभाग को कोई मतलब नहीं होता। वर्तमान में भीषण गर्मी के कारण बाहर से गाड़ी लेकर पहुंचे ड्राइवरों के लिए शेल्टर, इंटरकूलर, पानी, केंटीन आदि की व्यवस्था करना कम्पनी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग ने गर्मी में एक भी प्लांट या माइंस का निरीक्षण नहीं किया लगता है। अब तक तहसीलदार तमनार या कोई उच्च अधिकारी अडाणी माइंस तमनार का निरीक्षण करने नहीं आये है।

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अडानी के बड़े भंडार प्लांट में हुई घटना के बाद कलेक्टर ने लगाई क्लास, रिमांड कराया सर्कुलर

गुरुवार को ड्राइवर की मौत के बाद वहां हंगामा हो गया था। ड्राइवर का शव उठाने से रोका जा रहा था। वहीं शनिवार को भी ड्राइवर का शव अडानी माइंस के पास ले जाने से रोका गया। सूत्रों के मुताबिक शुक्रवार को बैठक में कलेक्टर ने मनीष श्रीवास्तव उप संचालक औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की जमकर क्लास लगाई। प्लांटों और माइंस में हो रही घटनाओं की जानकारी नहीं होने की बात कहकर डांट लगाई है। उन्होंने विभाग के काम में लापरवाही बरते जाने की बात भी कही।

Amar Chouhan

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