वाहन चोरों पर पुलिस का बड़ा प्रहार, दो गिरोहों का भंडाफोड़; 10 बाइक और दो मोबाइल बरामद


पूंजीपथरा और लैलूंगा पुलिस की संयुक्त रणनीति से खुलीं चोरी की वारदातें, आठ आरोपी गिरफ्तार; बरामद वाहनों की कीमत करीब सात लाख रुपये
जंगल में पत्तों से ढककर छिपाते थे चोरी की मोटरसाइकिलें, पहचान से बचने के लिए पल्सर को भी कर दिया था मॉडिफाई
रायगढ़। जिले में लगातार हो रही दोपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए रायगढ़ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में पूंजीपथरा और लैलूंगा पुलिस की अलग-अलग टीमों ने वाहन चोरी के दो मामलों का खुलासा करते हुए कुल आठ आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक विधि से संघर्षरत बालक भी शामिल है।
पुलिस के मुताबिक, दोनों कार्रवाइयों में चोरी की कुल 10 मोटरसाइकिलें और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जब्त मोटरसाइकिलों की अनुमानित कीमत करीब सात लाख रुपये बताई गई है। इनमें पूंजीपथरा पुलिस ने नौ मोटरसाइकिलें बरामद कर छह आरोपियों को पकड़ा, जबकि लैलूंगा पुलिस ने एक चोरी की पल्सर के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों मामलों में आरोपियों के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
जंगल में छिपाकर रखते थे चोरी की बाइक, नौ वाहन बरामद होने से खुला नेटवर्क
पूंजीपथरा थाना क्षेत्र में वाहन चोरी का मामला तब सामने आया, जब तराईमाल स्थित बीएस कंपनी कॉलोनी निवासी मुकेश कुमार बघेल ने अपनी बजाज पल्सर 125 मोटरसाइकिल क्रमांक CG 13 BM 6316 चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई। प्रार्थी के अनुसार, उसने 30 अक्टूबर की शाम अपनी मोटरसाइकिल कमरे के सामने खड़ी की थी, लेकिन कुछ समय बाद वह वहां से गायब मिली।
इस मामले में 2 नवंबर 2026 को थाना पूंजीपथरा में अपराध क्रमांक 286/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू की गई।
इसी दौरान एक गुम मोबाइल की लोकेशन बंजारी मंदिर के जंगल क्षेत्र में मिलने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों से प्राप्त सूचनाओं के आधार पर संदिग्धों की तलाश तेज की। जांच में पुलिस को जानकारी मिली कि तांबा चोरी के मामले में जेल से छूटकर आया राजू चौहान अपने कुछ साथियों के साथ फिर सक्रिय है। इसके बाद पुलिस ने संदेह के आधार पर राजू चौहान सहित उसके साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने क्षेत्र में मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी करने के लिए आपस में योजना बनाकर वारदातों को अंजाम देना स्वीकार किया। उनका तरीका भी काफी सुनियोजित था। आरोपी रात के समय क्षेत्र में घूमकर सुनसान स्थानों और कॉलोनियों में खड़ी मोटरसाइकिलों को निशाना बनाते थे। चोरी के बाद वाहनों को जंगल में ले जाकर पेड़ों की पत्तियों से ढककर छिपा देते थे, ताकि किसी की नजर उन पर न पड़े।
पुलिस का दावा है कि आरोपियों ने तराईमाल स्थित बीएस कंपनी कॉलोनी और उर्दना क्षेत्र से कुल नौ मोटरसाइकिलें तथा दो मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया है। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने करीब 6 लाख 12 हजार रुपये कीमत की नौ मोटरसाइकिलें और दो मोबाइल बरामद किए।
बरामद वाहनों में बजाज पल्सर, हीरो फैशन प्रो, स्कूटी, बजाज प्लेटिना, यामाहा आर-15, सुपर स्प्लेंडर, होंडा साइन, हीरो होंडा स्प्लेंडर एनएक्सजी और टीवीएस विक्टर शामिल हैं। पुलिस के प्रारंभिक सत्यापन में कुछ वाहनों के संबंध में थाना पूंजीपथरा और कोतवाली रायगढ़ में चोरी की रिपोर्ट दर्ज होने की जानकारी सामने आई है।
पुलिस के मुताबिक, आरोपियों द्वारा एक राय होकर सुनियोजित तरीके से चोरी की वारदातों को अंजाम देने के तथ्य सामने आने पर प्रकरण में बीएनएस की धारा 112(2) भी जोड़ी गई है। गिरफ्तार आरोपियों में राजू चौहान और राजेश श्रीवास का पूर्व में भी बाइक चोरी तथा तांबा चोरी के मामलों में आपराधिक रिकॉर्ड सामने आया है।
लैलूंगा में चोरी की पल्सर बरामद, बेचने से पहले कर दिया था मॉडिफाई
वाहन चोरी के खिलाफ दूसरी कार्रवाई लैलूंगा पुलिस ने की। यहां ग्राम सराईटोला निवासी पुरुषोत्तम पैकरा ने 29 अक्टूबर 2026 को अपनी पल्सर मोटरसाइकिल क्रमांक CG 14 MV 9707 चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी।
शिकायत के अनुसार, प्रार्थी 26 अक्टूबर को ग्राम राताखण्ड के मेन रोड किनारे अपनी मोटरसाइकिल खड़ी कर कुछ समय के लिए गया था। वापस लौटने पर बाइक गायब मिली। काफी तलाश के बाद भी कोई जानकारी नहीं मिलने पर उसने पुलिस से शिकायत की। इस पर थाना लैलूंगा में अपराध क्रमांक 335/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना शुरू की गई।
जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि ग्राम राजपुर के अनिश यादव और निलेश यादव के पास चोरी की एक मोटरसाइकिल है और वे उसे बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने दोनों संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की।
पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में दोनों ने मोटरसाइकिल चोरी कर उसे बेचने की नीयत से उसके कुछ पार्ट्स में बदलाव कर मॉडिफाई करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 80 हजार रुपये कीमत की चोरी की पल्सर मोटरसाइकिल बरामद की। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
ये आरोपी हुए गिरफ्तार
पूंजीपथरा पुलिस की कार्रवाई में:
1. राजू चौहान, पिता लालसाय चौहान, उम्र 22 वर्ष, निवासी सलखिया, थाना लैलूंगा, वर्तमान निवास तराईमाल।
2. लक्की सिदार, पिता विजय भारतेंदु, उम्र 19 वर्ष, निवासी तराईमाल, थाना पूंजीपथरा।
3. राजेश श्रीवास, पिता विजय श्रीवास, उम्र 21 वर्ष, निवासी छाल, वर्तमान निवास धनवारपारा तराईमाल।
4. बीर सिंह उर्फ लाल सिंह भगत, पिता रत्थो भगत, उम्र 20 वर्ष, निवासी राताईमाल, जिला रायगढ़।
5. सूर्यदेव राम, पिता विनोद राम, उम्र 18 वर्ष 20 दिन, निवासी बाबुसाजबहार, थाना तुमला, जिला जशपुर, वर्तमान निवास खान कॉलोनी तराईमाल।
6. एक विधि से संघर्षरत बालक।
लैलूंगा पुलिस की कार्रवाई में:
1. अनिश यादव, पिता शिवचरण, उम्र 22 वर्ष, निवासी राजपुर फुटुपारा, थाना लैलूंगा।
2. निलेश यादव, पिता गोविंद गादय, उम्र 22 वर्ष, निवासी पहाड़ लुडेग, थाना लैलूंगा।
पुलिस टीम की रही अहम भूमिका
पूंजीपथरा पुलिस की कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक क्षितिज देवांगन, प्रधान आरक्षक पारसमणि बेहरा, आरक्षक विनोद शर्मा, हेमसागर पटेल, सुरेश खुंटे और सिकंदर तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
वहीं लैलूंगा पुलिस की टीम में थाना प्रभारी उप निरीक्षक गिरधारी साव, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रीतम बघेल, प्रधान आरक्षक नंद कुमार पैकरा तथा आरक्षक विनोद कुजूर, उमेश साय और राजू तिग्गा ने सराहनीय योगदान दिया।
एसएसपी का संदेश : वाहन चोरी करने वालों पर जारी रहेगी सख्त कार्रवाई
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि जिले में वाहन चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस लगातार प्रभावी कार्रवाई कर रही है। पूंजीपथरा और लैलूंगा पुलिस की टीमों ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए दो बाइक चोर गिरोहों का पर्दाफाश किया और चोरी की 10 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
उन्होंने इस कार्रवाई को पुलिस की सतर्कता, बेहतर सूचना तंत्र और आपसी समन्वय का परिणाम बताया। साथ ही कहा कि वाहन चोरी में संलिप्त अन्य लोगों की भी पतासाजी की जा रही है और अपराधियों के विरुद्ध ऐसी सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
एसएसपी ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अपने दोपहिया वाहनों को सुरक्षित स्थान पर खड़ा करें, संभव हो तो अतिरिक्त लॉक का उपयोग करें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को दें।
लगातार हो रही वाहन चोरी की घटनाओं के बीच रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि, बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों की पहचान और अन्य चोरी की घटनाओं से इनके संबंधों का पूरा खुलासा पुलिस के आगे के सत्यापन और विवेचना से ही स्पष्ट होगा।
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