नाबालिग से यौन शोषण के आरोप में 20 वर्षीय युवक गिरफ्तार, पॉक्सो एक्ट में भेजा गया जेल

‘अभियान संवेदना’ के तहत रायगढ़ पुलिस की कार्रवाई, परिजनों की शिकायत पर दर्ज हुआ मामला; आरोपी न्यायिक रिमांड पर
रायगढ़, 17 अक्टूबर 2026। महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराधों पर त्वरित कार्रवाई के लिए चलाए जा रहे ‘अभियान संवेदना’ के तहत खरसिया पुलिस ने नाबालिग बालिका के यौन शोषण के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी की पहचान जीवन लाल यादव (20 वर्ष) के रूप में हुई है। मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज कर उसे न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
परिजनों की शिकायत के बाद सामने आया मामला
पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, 16 अक्टूबर 2026 को पीड़िता की मां ने चौकी प्रभारी खरसिया निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी से मुलाकात कर घटना की जानकारी दी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए चौकी प्रभारी ने प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू को पीड़िता के परिजनों के आवेदन पर रिपोर्ट दर्ज करने और पीड़िता का कथन लेने के निर्देश दिए।
पुलिस के अनुसार, पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि आरोपी उसके भाई का मित्र है और इसी परिचय के कारण उसका घर आना-जाना था। आरोप है कि 14 जनवरी 2026 को जब वह घर में अकेली थी, तब आरोपी वहां पहुंचा। पीड़िता के मुताबिक, आरोपी ने उसे पसंद करने की बात कहकर बहलाया और उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शिकायत में इसके बाद भी कई बार यौन शोषण किए जाने का आरोप लगाया गया है।
मां को हुआ संदेह, पूछताछ में परिजनों को बताई घटना
पुलिस के अनुसार, कुछ समय बाद पीड़िता की मां को मासिक धर्म नहीं होने पर संदेह हुआ। इसके बाद पूछताछ के दौरान पीड़िता ने परिजनों को कथित घटना की जानकारी दी। परिजनों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस से संपर्क किया, जिसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।
BNS और पॉक्सो एक्ट के तहत अपराध दर्ज
पुलिस के मुताबिक, चौकी खरसिया एवं थाना खरसिया में अपराध क्रमांक 534/2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता की धारा 65(1), 332(b) तथा पॉक्सो अधिनियम की धारा 4 और 6 के अंतर्गत मामला पंजीबद्ध किया गया है। विवेचना के दौरान पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आवश्यक चिकित्सकीय प्रक्रिया और अन्य वैधानिक औपचारिकताएं पूरी करने के बाद आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया।
मामले में पुलिस की कार्रवाई जारी है। हालांकि, आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के दौरान साक्ष्यों के परीक्षण से होगी। आरोपी को दोषसिद्ध होने तक कानूनन निर्दोष माना जाएगा।
पुलिस टीम की रही भूमिका
इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, प्रशिक्षु उप निरीक्षक प्रिया साहू तथा आरक्षक धनंजय कश्यप, कीर्ति सिदार, साविल चंद्रा, सिदार सिंह और गोविन्द बनर्जी की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
एसएसपी का संदेश: बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
रायगढ़ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि महिलाओं एवं बच्चों के विरुद्ध अपराधों को पुलिस गंभीरता से लेती है। ऐसे मामलों में पीड़ितों को न्याय दिलाने के लिए संवेदनशीलता के साथ वैधानिक कार्रवाई की जाती है। उन्होंने बच्चों की सुरक्षा को रायगढ़ पुलिस की प्राथमिकता बताया।
पत्रकारिता के दृष्टिकोण से: नाबालिग पीड़िता की पहचान उजागर करने वाली कोई जानकारी प्रकाशित नहीं की गई है। मामले में पुलिस के आरोपों को आरोप के रूप में ही प्रस्तुत किया गया है, ताकि पीड़िता की निजता और आरोपी के कानूनी अधिकारों का सम्मान बना रहे।
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