रायगढ़ में महिला अपराधों पर पुलिस का सख्त शिकंजा: दुष्कर्म और छेड़खानी के दो आरोपी गिरफ्तार, त्वरित कार्रवाई से भेजे गए जेल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 10 मई। जिले में महिला सुरक्षा को लेकर पुलिस ने एक बार फिर अपनी सक्रियता और सख्ती का परिचय दिया है। दो अलग-अलग मामलों में महिला थाना रायगढ़ की टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दुष्कर्म और छेड़खानी के आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि महिला संबंधी अपराधों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में, एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी उन्नति ठाकुर के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। दोनों मामलों में शिकायत मिलते ही पुलिस ने तेजी से विवेचना पूरी कर आरोपियों को कानून के दायरे में ला खड़ा किया।
शादी का झांसा, वर्षों तक शोषण… फिर मुकरा आरोपी
पहले मामले में एक 27 वर्षीय युवती ने महिला थाना में शिकायत दर्ज कराई कि वर्ष 2017 में मोबाइल के माध्यम से उसकी पहचान आरोपी अकबर अली से हुई थी। बातचीत का सिलसिला धीरे-धीरे रिश्ते में बदला और आरोपी ने शादी का भरोसा दिलाकर उसे अपने जाल में फंसा लिया।
पीड़िता के अनुसार, अगस्त 2022 में आरोपी उसे रायगढ़ बुलाकर अपने परिचित के घर ले गया, जहां शादी का झांसा देकर उसने शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वर्ष 2023 में वह उसे दिल्ली ले गया और किराए के मकान में करीब दो वर्षों तक साथ रखा। इस दौरान आरोपी लगातार शादी का आश्वासन देता रहा, लेकिन फरवरी 2026 में अचानक शादी से इंकार कर उसे छोड़कर वापस रायगढ़ लौट आया।
शिकायत दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ की। साक्ष्यों के आधार पर मामला दर्ज करते हुए एट्रोसिटी एक्ट की धारा भी जोड़ी गई और आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया।

छेड़खानी से मारपीट तक पहुंचा मामला, आरोपी गिरफ्तार
दूसरे मामले में एक महिला ने आरोप लगाया कि आरोपी अरविंद कुमार गुप्ता लंबे समय से उसे अकेला पाकर अश्लील हरकतें करता था और विरोध करने पर गाली-गलौच करता था। मामला तब गंभीर हो गया जब 6 मई की रात महिला अपने पति के साथ बाड़ी में मौजूद थी और आरोपी वहां पहुंचकर अभद्र टिप्पणी करने लगा।
विरोध करने पर आरोपी ने न सिर्फ गाली-गलौच की, बल्कि ईंट मारकर महिला को घायल भी कर दिया। शिकायत मिलते ही महिला थाना पुलिस ने संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
पुलिस टीम की भूमिका रही अहम
दोनों मामलों में महिला थाना प्रभारी उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई की। सहायक उप निरीक्षक सरस्वती महापात्रे, प्रधान आरक्षक संदीप भगत, राजेश उरांव सहित अन्य स्टाफ की भूमिका भी महत्वपूर्ण रही।
“महिला सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता” — एसएसपी
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश दिया कि महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा से समझौता करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने कहा कि महिला संबंधी अपराधों में त्वरित और संवेदनशील कार्रवाई सुनिश्चित करना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। साथ ही पीड़ित महिलाओं से अपील की गई है कि वे बिना किसी झिझक के पुलिस से संपर्क करें।
इस पूरी कार्रवाई ने एक बार फिर यह स्पष्ट कर दिया है कि रायगढ़ पुलिस महिला अपराधों के मामलों में न केवल सजग है, बल्कि आरोपियों के खिलाफ त्वरित और सख्त कार्रवाई करने के लिए प्रतिबद्ध भी है।
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