रेल्वे स्टेशन के पास नशे का जाल बेनकाब: “ऑपरेशन आघात” में दो महिलाएं समेत तीन गिरफ्तार, उड़ीसा कनेक्शन उजागर

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 22 फरवरी। जिले में मादक पदार्थों के अवैध कारोबार पर शिकंजा कसने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन आघात” के तहत पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। किरोड़ीमल नगर रेलवे स्टेशन के समीप घेराबंदी कर पुलिस ने दो महिलाओं सहित तीन आरोपियों को 7 किलो से अधिक गांजा के साथ गिरफ्तार किया। प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि नशीला पदार्थ उड़ीसा से खरीदकर लाया गया था और स्थानीय स्तर पर इसकी बिक्री की तैयारी चल रही थी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देशन में थाना कोतरारोड़ एवं साइबर थाना की संयुक्त टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि स्टेशन के आसपास संदिग्ध गतिविधि देखी जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी निरीक्षक मोहन भारद्वाज के नेतृत्व में टीम तत्काल मौके पर पहुंची और रणनीतिक घेराबंदी की। पुलिस को देखकर संदेहियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद विधिवत प्रक्रिया अपनाते हुए तलाशी ली गई।
तलाशी के दौरान दो बैग से कुल 7.110 किलोग्राम गांजा बरामद किया गया, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 70 हजार रुपये आंकी गई है। साथ ही दो आरोपियों से चार हजार रुपये नगद भी जब्त किए गए। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान सोनी चौहान, सुमन यादव और वासुदेव साहू के रूप में बताई। उन्होंने स्वीकार किया कि 19 फरवरी को उड़ीसा से गांजा खरीदकर रायगढ़ लाया गया था और ग्राहक तलाशे जा रहे थे।

पुलिस ने तीनों के खिलाफ थाना कोतरारोड़ में अपराध क्रमांक 51/2026 दर्ज कर NDPS Act की धारा 20(B) और 29 के तहत मामला पंजीबद्ध किया है। गिरफ्तारी के बाद आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है।
कार्रवाई में एडिशनल एसपी अनिल सोनी और डीएसपी सुशांतो बनर्जी के मार्गदर्शन में निरीक्षक मोहन भारद्वाज, उप निरीक्षक कुसुम कैवर्त तथा पुलिस और साइबर थाना स्टाफ की टीम ने समन्वित भूमिका निभाई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के खिलाफ अभियान आगे भी इसी सख्ती से जारी रहेगा।
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने स्पष्ट संदेश देते हुए कहा कि युवाओं को नशे की गिरफ्त में धकेलने वाले तस्करों के खिलाफ कड़ी वैधानिक कार्रवाई लगातार की जाएगी और ऐसे अवैध कारोबार में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
इस कार्रवाई ने एक बार फिर यह संकेत दिया है कि नशे का कारोबार अब पारंपरिक सीमाओं से आगे बढ़कर सामाजिक ढांचे के विभिन्न वर्गों तक पहुंच चुका है। पुरुषों के साथ महिलाओं की संलिप्तता भी इस बात का संकेत है कि तेज कमाई की लालसा किस तरह जोखिम भरे रास्तों की ओर धकेल रही है। हालांकि कानून का शिकंजा अब उतना ही तेज है—और संदेश भी उतना ही साफ कि अवैध कमाई की कीमत अंततः भारी पड़ती है।