फर्जी आरसी की फैक्ट्री से लेकर बाजार तक
रायगढ़ में बाइक चोरी का पूरा नेटवर्क ध्वस्त, 25 वाहन बरामद (देखें वीडियो)

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ जिले में बाइक चोरी को लेकर लंबे समय से फैल रहे संदेहों पर आखिरकार पुलिस ने ठोस कार्रवाई कर दी। चोरी की बाइक, फर्जी दस्तावेज और वैध दिखने वाले सौदों की आड़ में चल रहे एक संगठित गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए रायगढ़ पुलिस ने सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरोह के कब्जे से 25 चोरी की मोटरसाइकिल, एक एप्पल लैपटॉप और कलर प्रिंटर जब्त किए गए हैं। जब्त संपत्ति की अनुमानित कीमत करीब 16 लाख रुपये बताई जा रही है।
एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई थाना पूंजीपथरा और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने की। पुलिस को पहली सफलता तब मिली जब दो चोरी की बाइक के साथ ग्राम रूडेकेला निवासी मुकेश प्रधान को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने बाइक खरीदने की जो कहानी बताई, वहीं से पूरा जाल खुलता चला गया।

जांच में सामने आया कि चोरी की बाइक सीधे बाजार में नहीं बेची जाती थीं, बल्कि पहले उन्हें “कानूनी” रूप देने की प्रक्रिया अपनाई जाती थी। इस खेल में ऑटो डीलर के मैनेजर, कैश मैनेजर, लोक सेवा केंद्र संचालक और ऑपरेटर तक शामिल थे। चोरी की बाइक के चेसिस नंबर से असली मालिक का डाटा निकाला जाता, फिर अमेजॉन से आरसी कार्ड (पीबीसी कार्ड) मंगवाकर कंप्यूटर के जरिए हूबहू फर्जी आरसी तैयार की जाती। ट्रांसफर कार्ड पर फर्जी हस्ताक्षर कर बाइक को सेकेंड हैंड बताकर बेचा जाता था।
पुलिस जब मुख्य आरोपी मुकेश चौहान उर्फ नान्ही तक पहुंची, तो उसने स्वीकार किया कि वह अपने साथी विकेश दास महंत के साथ पूंजीपथरा, तमनार, घरघोड़ा और रायगढ़ के विभिन्न बाजारों से करीब 25 बाइक चोरी कर चुका है। अधिकतर वाहन एचएफ डीलक्स बताए गए हैं। विकेश दास महंत पहले से ही एक अन्य मामले में जेल में निरुद्ध है।
जांच में यह भी सामने आया कि चोरी की बाइक बेचते समय पकड़े जाने के डर से गिरोह ने ऑटो डीलर मैनेजर चंद्र कुमार यादव के जरिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लिया। इसी कड़ी में लोक सेवा केंद्र से जुड़े अजय पटेल और संजय अगरिया को शामिल किया गया। पुलिस ने कोतबा के एक ऑटो डीलर के पास खपाई गई आठ बाइक भी बरामद की हैं, जिसे फर्जी कागजात के जरिए अंधेरे में रखकर बेचा गया था।
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 303(2) के साथ-साथ संगठित अपराध की धारा 112(2), फर्जी दस्तावेज तैयार करने से जुड़ी धारा 317(2) और 336(3) भी जोड़ी है। सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा रहा है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने आम नागरिकों से अपील की है कि सेकेंड हैंड वाहन खरीदते समय आरसी, इंश्योरेंस और वाहन के दस्तावेजों की पूरी जांच करें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि ऐसे गिरोहों पर समय रहते शिकंजा कसा जा सके।
इस पूरे ऑपरेशन में पूंजीपथरा, लैलूंगा और साइबर थाना की टीमों की अहम भूमिका रही। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद वाहनों के वास्तविक मालिकों से संपर्क कर आगे की वैधानिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है।
रायगढ़ पुलिस की यह कार्रवाई न सिर्फ बाइक चोर गिरोह के लिए बड़ा झटका है, बल्कि उन लोगों के लिए भी चेतावनी है जो सस्ते दाम के लालच में बिना जांच-पड़ताल वाहन खरीद लेते हैं।
News associate Amardeep chauhan