कप्तान खुद मैदान में उतरे — सुबह 9 बजे थाने पहुंचे एसपी, खाली कुर्सियों ने खोली पुलिसिंग की पोल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। नवागत पुलिस अधीक्षक शशिमोहन सिंह ने पदभार संभालते ही यह साफ कर दिया है कि अब रायगढ़ में पुलिसिंग सिर्फ फाइलों और आदेशों तक सीमित नहीं रहेगी। शुक्रवार की सुबह ठीक 9 बजे जब एसपी अचानक कोतरा रोड थाने पहुंचे, तो वहां का नज़ारा किसी भी जिम्मेदार अफसर को शर्मसार करने के लिए काफी था। निर्धारित ड्यूटी समय पर थाना लगभग खाली था—न जिम्मेदार अधिकारी मौजूद, न ही अधिकांश स्टाफ।
थाने के भीतर पसरे सन्नाटे और लापरवाही ने एसपी को चौंका दिया। मौके पर केवल एक मुंशी और एक सहायक ही ड्यूटी पर मिले, जबकि पूरी यूनिट अपनी जिम्मेदारी से नदारद थी। हालात की गंभीरता को समझते हुए एसपी शशिमोहन सिंह ने मौके पर ही सख्त रुख अपनाया और सभी अनुपस्थित अधिकारियों एवं कर्मचारियों को गैरहाजिर घोषित कर दिया। यह कार्रवाई संदेश से ज्यादा चेतावनी बनकर पुलिस महकमे में फैल गई।
अनुशासन की यह ‘लाल कलम’ चलते ही पूरे विभाग में हड़कंप मच गया। एसपी ने सभी गायब कर्मियों को तत्काल अपने कार्यालय तलब किया। उल्लेखनीय है कि 26 जनवरी को पदभार संभालने के बाद अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस में ही उन्होंने स्पष्ट कर दिया था कि जनता की सेवा में लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कोतरा रोड थाने का यह औचक निरीक्षण उसी चेतावनी का ज़मीनी रूप साबित हुआ।
निरीक्षण के बाद एसपी ने दो टूक शब्दों में कहा कि फरियादियों के आने के समय यदि थाने में जिम्मेदार अधिकारी नहीं मिलते हैं, तो इसे सेवा के प्रति गंभीर लापरवाही माना जाएगा। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि पुलिस की वर्दी रौब दिखाने के लिए नहीं, बल्कि समयबद्ध और जवाबदेह सेवा के लिए है—और इसकी शुरुआत समय की पाबंदी से होती है।
जशपुर में अपनी कड़क और परिणामोन्मुखी कार्यशैली के लिए पहचाने जाने वाले शशिमोहन सिंह ने इस एक कार्रवाई से साफ कर दिया है कि वे सिर्फ दफ्तरों में बैठकर रिपोर्ट पढ़ने वाले कप्तान नहीं हैं। रायगढ़ पुलिस के गलियारों में अब यह चर्चा आम है कि आने वाले दिनों में जिले के अन्य थानों और चौकियों में भी इसी तरह की “सर्जिकल चेकिंग” हो सकती है।
इस अचानक हुई दबिश के बाद जिले भर के पुलिसकर्मियों में सतर्कता साफ नजर आने लगी है। जानकारों का मानना है कि इस तरह की सीधी और सख्त कार्रवाई से न केवल पुलिस प्रशासन में कसावट आएगी, बल्कि आम जनता का पुलिस पर भरोसा भी मजबूत होगा। इतना तय है कि रायगढ़ में अब लापरवाही के लिए कोई जगह नहीं बचेगी और हर पुलिसकर्मी को अपनी ड्यूटी के प्रति जवाबदेह होना ही पड़ेगा।