अनुशासन, साहस और संतुलन की मिसाल : 38 वर्षों की गौरवपूर्ण सेवा के बाद डीएसपी साधना सिंह को रायगढ़ पुलिस ने दी गरिमामय विदाई

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 31 जनवरी।
पुलिस सेवा केवल एक नौकरी नहीं, बल्कि एक कठिन साधना है—और जब कोई अधिकारी इस साधना को 38 वर्षों तक निष्ठा, अनुशासन और मानवीय संवेदना के साथ निभाए, तो वह केवल सेवानिवृत्त नहीं होता, बल्कि अपने पीछे एक प्रेरक विरासत छोड़ जाता है। उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) साधना सिंह का सेवानिवृत्त होना रायगढ़ पुलिस के लिए ऐसा ही एक भावुक और गौरवपूर्ण क्षण रहा।
शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय रायगढ़ में आयोजित सेवा सम्मान कार्यक्रम में डीएसपी साधना सिंह को पूरे सम्मान और आत्मीयता के साथ विदाई दी गई। कार्यक्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के नेतृत्व में पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों ने खड़े होकर उनके प्रति सम्मान प्रकट किया। यह दृश्य केवल औपचारिक नहीं, बल्कि उस विश्वास और स्नेह का प्रतीक था, जो एक अनुशासित अधिकारी वर्षों की सेवा में अर्जित करता है।
कार्यक्रम का संचालन उप पुलिस अधीक्षक सुशांत बनर्जी द्वारा किया गया। उन्होंने साधना सिंह के सेवाकाल का संक्षिप्त, लेकिन प्रभावशाली विवरण प्रस्तुत करते हुए बताया कि उन्होंने अविभाजित मध्यप्रदेश में जिला जगदलपुर से उप निरीक्षक के रूप में पुलिस सेवा में कदम रखा। उस दौर में जब महिला अधिकारियों की संख्या बेहद सीमित थी, साधना सिंह ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में भी स्वयं को साबित किया।
अपने लंबे सेवाकाल में उन्होंने सब इंस्पेक्टर और इंस्पेक्टर के रूप में छत्तीसगढ़ के बिलासपुर, जांजगीर-चांपा, कोरबा, मुंगेली और रायगढ़ जैसे महत्वपूर्ण जिलों में जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। वर्ष 2018 में निरीक्षक से पदोन्नत होकर डीएसपी बनीं और मुंगेली में पदस्थ रहीं। इसके पश्चात रायगढ़ जिले में योगदान देते हुए उन्होंने पुलिस मुख्यालय में लगभग डेढ़ वर्ष तक सेवाएं दीं।
इस अवसर पर एसएसपी शशि मोहन सिंह ने शॉल, श्रीफल एवं प्रतीक चिन्ह भेंट कर डीएसपी साधना सिंह को सम्मानित किया। अपने उद्बोधन में उन्होंने कहा—
“साधना सिंह का पूरा करियर अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा और संतुलन का उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने ऐसे समय में पुलिस सेवा चुनी, जब यह क्षेत्र महिलाओं के लिए आसान नहीं था। अपने सेवाकाल में उन्होंने न केवल प्रशासनिक दक्षता दिखाई, बल्कि पारिवारिक और पेशेवर जीवन के बीच संतुलन बनाकर नई पीढ़ी के लिए एक आदर्श स्थापित किया।”
एसएसपी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु और सुखद भविष्य की कामना करते हुए पुलिस विभाग की ओर से उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
सेवा सम्मान समारोह में डीएसपी साधना सिंह का पूरा परिवार, शहर के गणमान्य नागरिकों के साथ एडिशनल एसपी अनिल कुमार सोनी, अनिल कुमार विश्वकर्मा, सीएसपी मयंक मिश्रा, डीएसपी सुशांत बनर्जी, प्रोबेशनरी डीएसपी अजय नागवंशी, आरआई अमित सिंह तथा पुलिस कार्यालय के अधिकारी-कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का वातावरण सम्मान, स्मृतियों और भावनाओं से भरा रहा। साधना सिंह का यह विदाई क्षण केवल एक अधिकारी का सेवा–समापन नहीं, बल्कि उस पीढ़ी को नमन था जिसने सीमित संसाधनों और कठिन हालातों में पुलिस सेवा की मजबूत नींव रखी।