एसबीआई तमनार शाखा में खाताधारकों से कथित दुर्व्यवहार: शाखा प्रबंधक के रवैये से ग्राहक परेशान, बैंक की छवि पर सवाल

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
तमनार: भारतीय स्टेट बैंक शाखा तमनार ग्रामीण में पदस्थ शाखा प्रबंधक के दुर्व्यवहार से खाताधारक इन दिनों असहज महसूस कर रहे हैं, शाखा प्रबंधक सुभाष चंद्रा लगातार खाताधारकों से भेदभाव वाला व्यवहार कर रहे हैं, जिसके कारण अब खाता धारक बैंक जाने से करता रहे है, सुभाष चंद्रा पूर्व में एसबीआई के जेपीएल ब्रांच में कार्यरत थे उसे दौरान भी लगातार खाता धारकों से दुर्व्यवहार करते थे और छोटे मोटे काम जैसे फाइल चेकिंग, फॉरवर्ड, साइन के लिए खाताधारकों का काफ़ी समय बर्बाद करते, कई खाताधारक तो दिन भर और कई दिनों से खाते के संबंध में बैंक में भटकते रहते तब कई खाताधारकों ने एसबीआई की उच्च अधिकारियों से शिकायत भी दर्ज कराई थी, जिसके बाद दुसरे ब्रांच में स्थांतरित किया गया था , लेकिन अब तमनार शाखा में पदस्थ होने के बाद चाहे महिला समूह के महिलाओं को लोन हो या किसी प्रकार के पर्सनल लोन या निजी लेन देन के खाताधारक हो सभी से आय दिन दुरव्यवहार कर रहे है, जिम्मेदारों को सुध लेकर ऐसे अधिकारियों पर कार्रवाई करनी चाहिए।

क्या कहते है खाता धारक अजय दास
मैं अपने निजी लेन देन के लिए गया था , मैनेजर सुभाष चंद्रा द्वारा लगातार दुरव्यवहार किया जा रहा है , जिससे एसबीआई बैंक को छबि धूमिल हो रही है , जिम्मेदारों को ध्यान देना चाहिए।
एसबीआई उच्च अधिकारियों से शिकायत
0 संबंधित क्षेत्रीय कार्यालय (Regional Office) या सर्कल ऑफिस में लिखित शिकायत भेजी जा सकती है
शाखा प्रबंधक के विरुद्ध शिकायत सीधे क्षेत्रीय प्रबंधक के संज्ञान में लाई जा सकती है।
0 भारतीय रिज़र्व बैंक – बैंकिंग लोकपाल (RBI Ombudsman)
यदि बैंक स्तर पर समाधान न हो, तो RBI के CMS (Complaint Management System) के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत की जा सकती है
एसबीआई कस्टमर केयर (टोल फ्री)
📞 1800 1234
📞 1800 2100
(यहाँ शिकायत संख्या प्राप्त होती है, जिससे आगे की कार्रवाई ट्रैक की जा सकती है)
यह मंच खाताधारकों को निष्पक्ष समाधान प्रदान करता है
इस तरह की शिकायतें सिर्फ व्यक्तिगत परेशानी नहीं, बल्कि सार्वजनिक बैंकिंग व्यवस्था और संस्थान की साख से जुड़ा विषय होती हैं। समय रहते जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा संज्ञान लेकर कार्रवाई की जाना, न केवल खाताधारकों के हित में है बल्कि एसबीआई जैसी प्रतिष्ठित संस्था की छवि बनाए रखने के लिए भी आवश्यक है।
News associate Ashwani Malakar