टपरिया सीमा पर थमे पहिये, भड़की हिंसा के बाद छत्तीसगढ़–ओडिशा ट्रांसपोर्ट ठप

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
छत्तीसगढ़ और ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों के बीच लंबे समय से सुलग रहा लोडिंग विवाद रविवार शाम अचानक हिंसा में तब्दील हो गया। इसका सीधा असर रायगढ़ जिले के टपरिया बॉर्डर पर देखने को मिला, जहां प्रशासन को सुरक्षा कारणों से सीमा पूरी तरह सील करनी पड़ी। नतीजतन, दोनों राज्यों के बीच भारी वाहनों का आवागमन ठप हो गया है और एक हजार से अधिक ट्रेलर व डंपर जहां-तहां खड़े रह गए हैं।
जानकारी के अनुसार, रविवार की शाम टपरिया बॉर्डर क्षेत्र में ओडिशा के ट्रांसपोर्टरों और रायगढ़ के वाहन मालिकों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो गई। आरोप है कि ओडिशा पक्ष के कुछ ट्रांसपोर्ट व्यवसायी हथियारों से लैस होकर छत्तीसगढ़ सीमा तक पहुंचे और रायगढ़ के ट्रांसपोर्टरों के साथ हिंसक झड़प की। घटना के बाद इलाके में तनाव फैल गया।
मारपीट की इस घटना के बाद रायगढ़ के वाहन मालिक तमनार थाना पहुंचे और रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामले में करीब 140 लोगों को नामजद करते हुए अन्य के खिलाफ भी अपराध पंजीबद्ध किया है। हालात की गंभीरता को देखते हुए जिला प्रशासन ने तत्काल टपरिया बॉर्डर को सील करने का निर्णय लिया, जिससे दोनों ओर से ट्रेलर और डंपर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद कर दी गई।
सोमवार शाम को रायगढ़ के ट्रांसपोर्ट व्यवसायी और वाहन मालिक पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस अधीक्षक ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मामले में त्वरित कार्रवाई की जाएगी और कानून व्यवस्था से किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा।
रायगढ़ ट्रेलर यूनियन के प्रतिनिधि आशीष यादव ने बताया कि प्रशासन द्वारा सुरक्षा के मद्देनज़र टपरिया बॉर्डर सील किया गया है। हालांकि, मानवीय और व्यावहारिक स्थिति को देखते हुए सीमा को कुछ समय के लिए खोले जाने की संभावना है, ताकि ओडिशा में फंसी रायगढ़ की गाड़ियां वापस लौट सकें और रायगढ़ में खड़ी ओडिशा की गाड़ियां अपने गंतव्य तक जा सकें। इसके बाद सीमा को पुनः बंद कर दिया जाएगा। उनका कहना है कि विवाद के सुलझने तक बॉर्डर सील ही रहेगा।
टपरिया बॉर्डर से प्रतिदिन एक हजार से अधिक भारी वाहन गुजरते थे। सीमा सील होने का सीधा असर रायगढ़ जिले के दर्जनभर से अधिक छोटे-बड़े उद्योगों पर पड़ा है। ओडिशा की कुलडा, गर्जनबहाल सहित अन्य खदानों से आने वाला कोयला पूरी तरह से बंद हो गया है। इससे जेएसपीएल डोंगामहुआ कैप्टिव पावर प्लांट, एसकेएस, जेएसडब्ल्यू, एनआर इस्पात, सिंघल इंटरप्राइजेज, बीएस स्पंज, नवदुर्गा फ्यूल्स, रायगढ़ इस्पात, मां काली एलॉयज, रूपानाधाम, टीआरएन, इंड सिंर्जी लिमिटेड, अदानी पावर, आरकेएम, डीबी पावर और एथेना पावर प्लांट जैसे उद्योग सीधे प्रभावित हो रहे हैं।
दूसरी ओर, छत्तीसगढ़ से भी हिडाल्को और अदानी की कोल माइंस से ओडिशा के उद्योगों को जाने वाला कोयला रुक गया है। यदि जल्द समाधान नहीं निकला, तो आने वाले दिनों में औद्योगिक इकाइयों में कोयले का संकट गहराने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।
फिलहाल टपरिया बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात है और स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। प्रशासन के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि कानून व्यवस्था बहाल करते हुए दोनों राज्यों के ट्रांसपोर्टरों के बीच उपजे विवाद का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि उद्योगों की रफ्तार और सड़कों के पहिये दोबारा चल सकें।