रफ्तार का कहर: अज्ञात वाहनों ने छीन ली दो घरों की खुशियां, सड़क पर फिर लहूलुहान हुआ रायगढ़

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़।
जिले की सड़कों पर बेलगाम रफ्तार और लापरवाही एक बार फिर दो परिवारों के लिए जिंदगी भर का दर्द छोड़ गई। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुई दो सड़क दुर्घटनाओं में बाइक सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई। दोनों ही मामलों में अज्ञात वाहन टक्कर मारकर फरार हो गए, और पीछे रह गईं सिर्फ टूटी हुई बाइकें, बिखरे सपने और बेसहारा परिजन।
पहली घटना सिटी कोतवाली थाना क्षेत्र की है। तमनार ब्लॉक के ग्राम कसडोल निवासी सेतकुमार साहू का पुत्र समीर साहू (उम्र लगभग 25 वर्ष) पेशे से ड्राइवर था और तराईमाल स्थित एक औद्योगिक संयंत्र में कार्यरत था। बुधवार की शाम वह रोज की तरह ड्यूटी के लिए घर से निकला, लेकिन किस्मत को कुछ और ही मंजूर था। तराईमाल में रुकने के बजाय वह रायगढ़ की ओर बढ़ रहा था। इसी दौरान लाखा के पास पीछे से आए एक अज्ञात वाहन ने तेज रफ्तार और लापरवाहीपूर्वक उसकी मोटरसाइकिल को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि समीर ने मौके पर ही दम तोड़ दिया, जबकि वाहन चालक अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया।
घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंची, शव को अस्पताल भिजवाया गया और शिनाख्त के बाद परिजनों को खबर दी गई। बेटे की मौत की खबर सुनते ही परिवार में कोहराम मच गया। पुलिस ने मृतक के पिता की रिपोर्ट पर अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
दूसरी घटना चक्रधरनगर थाना क्षेत्र की है। ग्राम बंगुरसिया निवासी आकाश सिदार, जो सीसीटीवी कैमरा इंस्टॉलेशन का काम करता था, बुधवार को किसी काम से रायगढ़ आया हुआ था। शाम करीब छह बजे वह अपनी बाइक से गांव लौट रहा था। शिवशक्ति प्लांट के पास विपरीत दिशा से आ रहे एक तेज रफ्तार वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी और चालक मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर जुटे और पुलिस को सूचना दी, लेकिन तब तक आकाश की जान जा चुकी थी।
चक्रधरनगर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजते हुए अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
इन दोनों हादसों ने एक बार फिर रायगढ़ जिले में सड़क सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। औद्योगिक क्षेत्र, भारी वाहनों की आवाजाही और रफ्तार पर लगाम न लग पाने की कीमत आम लोग अपनी जान देकर चुका रहे हैं। सवाल यह नहीं है कि दुर्घटना कैसे हुई, सवाल यह है कि कब तक अज्ञात वाहन यूं ही मौत बांटते रहेंगे और जिम्मेदारी से बचते रहेंगे?