सरस्वती सायकल से सपनों की रफ्तार: हमीरपुर में नववर्ष की सौगात से खिले छात्राओं के चेहरे

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
नये वर्ष की शुरुआत हमीरपुर के लिए इस बार उम्मीद और उत्साह की सौगात लेकर आई। तमनार स्थित स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिन्दी माध्यम विद्यालय, हमीरपुर में सरस्वती सायकल योजना के अंतर्गत नवमी कक्षा की 41 बालिकाओं को सायकल वितरण किया गया। यह कार्यक्रम न केवल एक शासकीय योजना का औपचारिक क्रियान्वयन था, बल्कि बालिकाओं के आत्मविश्वास और शिक्षा के प्रति उनके संकल्प को मजबूती देने वाला क्षण भी बन गया।
13 जनवरी 2026 को आयोजित इस कार्यक्रम में जनपद पंचायत तमनार के अध्यक्ष जागेश सिंह सिदार एवं जिला पंचायत सदस्य रमेश बेहरा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की शाला प्रबंधन समिति (एसएमसी) के अध्यक्ष आशीष मिश्रा ने की। विशेष रूप से सरपंच मुरलीधर प्रधान, अक्षय परजा सहित अन्य जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने आयोजन को गरिमा प्रदान की। विद्यालय के प्राचार्य एन. साय के मार्गदर्शन में सायकल वितरण छात्राओं को अतिथियों के कर-कमलों से किया गया।
विद्यालय परिवार के लिए यह अवसर इसलिए भी खास रहा क्योंकि नये वर्ष में जनप्रतिनिधियों का यह पहला आगमन किसी तोहफे से कम नहीं लगा। सायकल पाकर छात्राओं के चेहरों पर जो मुस्कान थी, वह इस बात का प्रमाण थी कि ऐसी योजनाएं शिक्षा को स्कूल की चारदीवारी से आगे ले जाने में कितनी अहम भूमिका निभाती हैं।
विद्यालय प्रबंधन ने गर्व के साथ बताया कि यहां के छात्र-छात्राएं प्रतिवर्ष हायर सेकेंडरी परीक्षा में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर विद्यालय और क्षेत्र का नाम रोशन कर रहे हैं। अनुशासन और शिक्षा की गुणवत्ता को प्राथमिकता देते हुए संस्था प्रमुख और शिक्षकगण कमजोर विद्यार्थियों पर विशेष ध्यान दे रहे हैं। अतिरिक्त कक्षाओं के माध्यम से उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने का निरंतर प्रयास किया जा रहा है।
वर्तमान में विद्यालय में 276 बालक-बालिकाएं अध्ययनरत हैं। उल्लेखनीय बात यह है कि शिक्षा की गुणवत्ता और अनुशासित वातावरण के कारण आसपास के क्षेत्रों, यहां तक कि ओडिशा से भी बालिकाएं सायकल से प्रतिदिन विद्यालय पहुंचती हैं। हालांकि, विद्यालय परिसर में सायकल स्टैंड की व्यवस्था नहीं होने से धूप और बरसात के दिनों में छात्राओं और शिक्षकों को काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है।
कार्यक्रम के दौरान पालकगणों ने मुख्य अतिथियों से इस समस्या की ओर ध्यान आकृष्ट कराया और सायकल स्टैंड निर्माण की मांग रखी। उनकी अपेक्षा है कि जनप्रतिनिधि इस व्यावहारिक समस्या के समाधान के लिए ठोस पहल करेंगे, ताकि बेटियों की पढ़ाई का यह सफर और अधिक सुरक्षित व सुविधाजनक बन सके।
कुल मिलाकर, सरस्वती सायकल वितरण कार्यक्रम ने हमीरपुर में नये वर्ष की शुरुआत को यादगार बना दिया। यह आयोजन न सिर्फ एक योजना का लाभ पहुंचाने तक सीमित रहा, बल्कि बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की दिशा में एक मजबूत कदम के रूप में देखा गया।
News associate Hariram gupta