राजधानी को झकझोर देने वाला अपराध — नाबालिग से दुष्कर्म का आरोपी 55 वर्षीय बुजुर्ग गिरफ्तार, पुलिस और समाज दोनों कटघरे में

Freelance editor Amardeep chauhan @http://amarkhabar.com
रायपुर।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर एक बार फिर शर्मनाक आपराधिक घटना के कारण सुर्खियों में है। सिविल लाइन थाना क्षेत्र में सामने आए नाबालिग बच्ची के साथ दुष्कर्म के मामले ने न सिर्फ कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता को भी कठघरे में ला खड़ा किया है। आरोप है कि 55 वर्षीय एक बुजुर्ग ने भरोसे और भय का फायदा उठाकर कई दिनों तक मासूम के साथ अमानवीय कृत्य किया।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, आरोपी (बदला हुआ नाम) कुलदीप पंडरी झंडा चौक क्षेत्र में रहने वाला है और चूड़ियों के साथ चॉकलेट आदि बेचने का काम करता था। इसी आड़ में उसने नाबालिग बच्ची को चॉकलेट का लालच देकर अपने घर बुलाया और डराकर चुप रहने को मजबूर किया। पीड़िता को धमकी दी जाती रही कि यदि उसने किसी को कुछ बताया तो जान से मार दिया जाएगा। भय और असमंजस के बीच बच्ची कई दिनों तक इस यातना को सहने को मजबूर रही।
मामले का खुलासा तब हुआ जब 12 जनवरी को बच्ची स्नान के दौरान दर्द से कराह उठी। परिजनों के पूछने पर उसने आपबीती बताई। इसके बाद परिवार ने तत्काल थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। घटना की जानकारी फैलते ही सामाजिक संगठनों में भी आक्रोश फैल गया और बजरंग दल के कार्यकर्ता सिविल लाइन थाने पहुंचे, जहां उन्होंने आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए विरोध दर्ज कराया।
पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में ले लिया है। प्राथमिक जांच के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की विवेचना संवेदनशीलता के साथ की जा रही है और पीड़िता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
यह घटना केवल एक अपराध की कहानी नहीं है, बल्कि यह चेतावनी भी है—कि बच्चों की सुरक्षा को लेकर समाज, परिवार और व्यवस्था को और अधिक सतर्क होने की जरूरत है। राजधानी जैसे शहर में इस तरह की घटना यह सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर भरोसे की आड़ में पल रहे ऐसे अपराधियों पर समय रहते निगरानी क्यों नहीं हो पाती।
अब निगाहें पुलिस की कार्रवाई और न्यायिक प्रक्रिया पर टिकी हैं। सवाल यही है कि क्या दोषी को शीघ्र और कठोर सजा मिलेगी, ताकि यह संदेश जाए कि मासूमों के खिलाफ अपराध करने वालों के लिए समाज और कानून दोनों में कोई जगह नहीं है।
News associate RK chauhan