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2.5 करोड़ के लालच ने ली तीन जिंदगियां: कोरबा में ‘तांत्रिक चमत्कार’ की आड़ में दर्दनाक ट्रिपल डेथ, अंधविश्वास पर उठे सवाल

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम कोरबा, छत्तीसगढ़।
तकनीक, शिक्षा और विज्ञान के दौर में भी अंधविश्वास की पकड़ कितनी गहरी है, इसका खौफनाक उदाहरण कोरबा जिले में सामने आई तीन मौतों की घटना है। करोड़ों कमाने के लालच और तंत्र-मंत्र के भ्रमजाल में फंसे तीन लोगों ने न सिर्फ अपनी जमा-पूंजी गंवाई, बल्कि जिंदगी से भी हाथ धो बैठे।

घटना बरबसपुर स्थित एक फार्महाउस की है, जहां स्क्रैप कारोबारी अशरफ मेमन के साथ दो अन्य युवक—एक कोरबा का और एक बिलासपुर का—रहस्यमय परिस्थितियों में मृत पाए गए। प्रारंभिक जांच में यह पूरा मामला कथित तांत्रिक क्रियाओं और ‘पैसा दो—पैसा कई गुना’ जैसे दावों से जुड़ा प्रतीत हो रहा है।

5 लाख देकर 2.5 करोड़ मिलने का झांसा

सूत्रों के अनुसार बिलासपुर निवासी स्वयंभू तांत्रिक राजेन्द्र कुमार ने दावा किया था कि यदि उसे 5 लाख रुपये दे दिए जाएं, तो वह तांत्रिक शक्तियों के माध्यम से तीनों को 2.5 करोड़ रुपये तक दिला सकता है। इसी लालच में सभी रात में फार्महाउस पहुंचे और तंत्र-पूजा शुरू की गई।

एक-एक कर कमरे में भेजे गए तीनों… और फिर मौत

मौके पर मौजूद अश्विनी कुर्रे के बयान ने कई गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
उसके अनुसार बैगा/तांत्रिक हर व्यक्ति को एक नींबू देकर कमरे में बंद कर रहा था। आधे घंटे बाद जब दरवाजा खोला गया, तो तीनों बेसुध पड़े थे। पुलिस का अनुमान है कि मौतें किसी घातक पदार्थ के सेवन से हुई होंगी। पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में होगी।

स्थानीय ग्रामीणों में घटना को लेकर भारी दहशत और आक्रोश है। उन्होंने साफ कहा—
“हम पढ़ते-लिखते समाज में रहते हैं, पर हर कुछ साल बाद ऐसे हादसे हमें याद दिला देते हैं कि अंधविश्वास अभी भी लोगों की नसों में दौड़ रहा है।”

जांच में जुटी पुलिस—तांत्रिक व उसके सहयोगी हिरासत में

पुलिस ने प्रकरण की गंभीरता को देखते हुए तांत्रिक राजेन्द्र कुमार और उसके दो साथियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और मर्ग कायम कर जांच आगे बढ़ाई जा रही है।

अंधविश्वास की भेंट क्यों चढ़ रहे लोग?

यह घटना केवल एक पुलिस केस भर नहीं है। यह समाज को झकझोरने वाला प्रश्न भी छोड़ती है—
क्या अब भी ‘काला चमत्कार’ और ‘रातों-रात अमीर बन जाओ’ जैसे झांसे लोगों के लिए विज्ञान और तर्क से ज्यादा प्रभावी हैं?

विशेषज्ञों का कहना है कि ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों में कुछ लोग आर्थिक दबाव, लालच और भय की वजह से ऐसे छलावे में आ जाते हैं।
परिणाम—घर तबाह, परिवार बिखरते हैं और कभी-कभी ऐसी दर्दनाक मौतें भी।

संदेश साफ—अंधविश्वास मौत देता है, पैसा नहीं

कोरबा की यह घटना फिर साबित करती है कि तंत्र-मंत्र, चमत्कार और पैसा कई गुना करने जैसे छलावे सिर्फ धोखा हैं।
कानून और विज्ञान दोनों साफ कहते हैं—
कोई भी शक्ति रातों-रात करोड़पति नहीं बना सकती। हाँ, अंधविश्वास जरूर किसी की जान ले सकता है।

समाचार सहयोगी राहुल + लाला

Amar Chouhan

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