रायगढ़ शर्मसार: पिता बना दरिंदा, नाबालिग बेटी को साल भर बनाया हवस का शिकार; माँ को सुनाई आपबीती, अब पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
घर वह आखिरी जगह होती है जहाँ बच्चे खुद को सबसे सुरक्षित समझते हैं। लेकिन रायगढ़ के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में एक 16 साल की लड़की के लिए यही घर नरक बन गया। जिस पिता के कंधों पर उसकी हिफाजत की जिम्मेदारी थी, वही पिछले एक साल से उसकी अस्मत लूटता रहा। डर, धमकी और मारपीट के साये में जी रही यह नाबालिग आखिरकार टूट गई और माँ को अपनी दर्दनाक दास्ताँ सुनाई। माँ के साथ महिला थाने पहुँचते ही पुलिस हरकत में आई और आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया गया।
पीड़िता की शिकायत के मुताबिक सब कुछ 26 जनवरी 2023 से शुरू हुआ। उस दिन वह सहेलियों के साथ घूमने गई थी। पिता ने उसे देख लिया। घर लौटी तो माँ और दोनों भाई बाहर थे। मौका पाकर पिता ने पहले मारपीट की, फिर जबरन दुष्कर्म किया। विरोध करने पर धमकी दी – “किसी को बताएगी तो पूरे परिवार को मार डालूँगा।”
इसके बाद यह सिलसिला चलता रहा। जब-जब घर में कोई नहीं होता, पिता लड़की को पीटता और अपनी हवस मिटाता। डर के मारे लड़की चुप रही। स्कूल जाती, लौटती, घर के काम करती, लेकिन अंदर से टूटती जाती रही। आखिरकार इस साल दिसंबर में एक बार फिर पिता ने उसके साथ ज्यादती की। इस बार लड़की ने हिम्मत जुटाई। स्कूल से लौटते वक्त रास्ते में माँ को रोते-रोते सारी बात बता दी।
माँ के पैरों तले जमीन खिसक गई। दोनों सीधे महिला थाने पहुँचीं। वहाँ दर्ज शिकायत में लड़की ने एक-एक घटना का जिक्र किया। पुलिस ने तुरंत धारा 376, 506 और पॉक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया। महिला थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम ने आरोपी को दबिश देकर पकड़ लिया। अभी पूछताछ जारी है। जल्द ही उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा।
घटना ने एक बार फिर समाज के उस काले चेहरे को बेनकाब कर दिया है जहाँ रिश्तों की आड़ में सबसे बड़े अपराध हो रहे हैं। पिछले कुछ सालों में छत्तीसगढ़ समेत पूरे देश में पिता, सौतेले पिता, चाचा-ताऊ द्वारा नाबालिग बेटियों-भतीजियों के साथ दुष्कर्म के सैकड़ों मामले सामने आ चुके हैं। ज्यादातर मामलों में पीड़िताएँ डर और सामाजिक कलंक के कारण चुप रहती हैं। लेकिन इस लड़की ने चुप्पी तोड़ी और उम्मीद जगाई कि शायद अब न्याय मिलेगा।
पुलिस का कहना है कि मामले की गंभीरता को देखते हुए तेजी से चार्जशीट दाखिल की जाएगी। साथ ही पीड़िता और उसके परिवार को सुरक्षा मुहैया कराई जा रही है।
रायगढ़ जैसे छोटे शहर में जहाँ आपस में रिश्ते-नाते गहरे माने जाते हैं, वहाँ इस तरह की हैवानियत न सिर्फ एक परिवार को तबाह करती है, बल्कि पूरे समाज को शर्मसार कर जाती है। सवाल सिर्फ एक पिता का नहीं, बल्कि हम सबके सामने है – हम अपने बच्चों को कितना सुरक्षित घर दे पा रहे हैं।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान