ओडिशा बॉर्डर पर प्रशासन की कड़ी नज़र: तमनार में रातभर दबिश, अवैध धान तस्करी पर बड़ी कार्रवाई – चार गिरफ्तार

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम
रायगढ़, 29 नवंबर।
जिले में अवैध धान मूवमेंट पर रोक लगाने कलेक्टर और एसपी द्वारा दिए गए सख्त निर्देशों का असर अब जमीनी स्तर पर साफ दिखने लगा है। धान खरीदी सीजन की शुरुआत के साथ ही संभावित अवैध गतिविधियों को रोकने प्रशासन पूरी सतर्कता में है। गुरुवार 28 नवंबर को कलेक्टर व पुलिस अधीक्षक ने जिले के प्रशासनिक अधिकारियों, राजपत्रित पुलिस अधिकारियों और सभी थाना–चौकी प्रभारियों की महत्वपूर्ण बैठक लेकर धान खरीदी प्रबंधन, औद्योगिक सुरक्षा, यातायात नियंत्रण और अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने निर्देश जारी किए थे।
इन निर्देशों के बाद जिला प्रशासन की टीम ने उसी रात तमनार क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए संभावित अवैध धान मूवमेंट पर नकेल कस दी। एसडीएम घरघोड़ा, तहसीलदार तमनार और थाना प्रभारी तमनार की संयुक्त टीम ने ग्राम बिजना, केशरचुंआ, धौरांनांठा, हमीरपुर बॉर्डर, पालीघाट और जोबरो में रातभर औचक निरीक्षण किया। टीम ने ओडिशा सीमा से लगे इलाकों में धान कोचियों की संभावित गतिविधियों की बारीकी से जांच की।
इसी दौरान ग्राम कर्रापाली के पास संदिग्ध परिस्थितियों में खड़ी टाटा नैक्सन कार (CG 13 AR 0990) में चार युवक बैठे मिले। पूछताछ के दौरान उन्होंने उल्टे-सीधे जवाब दिए और विवाद की स्थिति भी उत्पन्न की। स्थिति पर संज्ञेय अपराध की आशंका को देखते हुए थाना प्रभारी कमला पुसाम ने सभी को तत्काल हिरासत में लेकर थाना तमनार पहुंचाया। परिजनों को सूचना देने के बाद चारों के खिलाफ धारा 170 BNSS के तहत गिरफ्तारी की गई।

आज प्रकरण में आगे बढ़ते हुए उनके विरुद्ध धारा 126 और 135(3) BNSS के तहत इस्तगासा तैयार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से सभी को जेल भेज दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में –
दिनेश अग्रवाल (40), निवासी धौराभांठा
राजेश कुमार गुप्ता (36), निवासी टटकेला
कुलदीप गुप्ता (26), निवासी बिजना
भीष्मदेव गुप्ता (37), निवासी बिजना शामिल हैं।
प्रशासन और पुलिस की इस संयुक्त कार्रवाई ने यह स्पष्ट कर दिया है कि इस बार धान खरीदी व्यवस्था में किसी भी प्रकार की अवैध गतिविधि या बाहरी राज्यों से धान की अवैध आवक को किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ओडिशा बार्डर पर कड़ी निगरानी और लगातार ऑपरेशनल पेट्रोलिंग ने धान तस्करी के नेटवर्क को शुरुआती चरण में ही रोकने का संकेत दिया है।
जिले में ऐसे सतत निरीक्षण और रात्री गश्त से अवैध धान कारोबार पर निश्चित रूप से अंकुश लगेगा और खरीदी व्यवस्था अधिक पारदर्शी तथा सुरक्षित बनेगी।
समाचार सहयोगी नरेश राठिया के साथ केशव चौहान