रायगढ़ में 15 नवंबर को होने वाले भव्य आयोजन को लेकर बढ़ी उत्सुकता — आखिर क्या खास है इस बार?

फ्रीलांस एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़, 14 नवंबर 2025। जिले में 15 नवंबर शनिवार को होने वाला जिला स्तरीय जनजातीय गौरव दिवस इस बार कुछ अलग, कुछ खास और कुछ ऐसा लेकर आ रहा है, जिसकी वजह से प्रशासन से लेकर आम नागरिकों तक में असाधारण उत्सुकता देखी जा रही है। कार्यक्रम को लेकर जिला प्रशासन ने भले ही आधिकारिक रूप से विस्तृत जानकारी जारी कर दी है, लेकिन आयोजन स्थल सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम, पंजरी प्लांट के आसपास सुबह से ही गतिविधियां कुछ अलग संकेत दे रही हैं।
सूत्रों के मुताबिक, इस वर्ष होने वाला उत्तर छत्तीसगढ़ क्षेत्र जनजातीय लोकनृत्य महोत्सव सामान्य मंचीय कार्यक्रम नहीं होगा। कहा जा रहा है कि जनजातीय परंपराओं और कला की प्रस्तुति को ऐसी रूपरेखा में ढाला गया है, जो दर्शकों को पहली बार किसी रहस्यमय सांस्कृतिक अनुभव से रूबरू कराएगी। प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ऑफ-द-रिकॉर्ड माना कि “इस बार मंच पर जो होने वाला है, वह निश्चित रूप से सबको चकित कर देगा।”
कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने सिर्फ इतना कहा—
“यह कार्यक्रम जनजातीय समाज की विरासत का सम्मान है… और इस बार दर्शकों को कुछ ऐसा देखने को मिलेगा, जो पहले कभी नहीं देखा।”
उनके इस बयान ने कार्यक्रम को लेकर रहस्य को और गहरा कर दिया है।
मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश के स्कूल शिक्षा, ग्रामोद्योग एवं विधि मंत्री श्री गजेन्द्र यादव शामिल होंगे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में कई सांसद-विधायक मौजूद रहेंगे। इतने बड़े स्तर पर जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति भी संकेत दे रही है कि आयोजन में कुछ विशेष रूप से प्रस्तुत होने वाला है।
आयोजन समिति ने भी आधिकारिक बयान में यह तो स्वीकार किया कि भव्य लोकनृत्य, पारंपरिक वाद्ययंत्रों, जनजातीय परिधानों और जीवनशैली की झलक कार्यक्रम की शोभा बढ़ाएगी, लेकिन कुछ तत्वों को “अविस्मरणीय सरप्राइज” कहकर टाल दिया।
इधर शहर में चर्चा है—
क्या कोई विशेष सांस्कृतिक अनुष्ठान पहली बार सार्वजनिक रूप से दिखाया जाएगा?
क्या मंच पर ऐसी प्रस्तुति होने वाली है, जिसकी जानकारी फिलहाल पर्दे के पीछे है?
या फिर आदिवासी परंपराओं का कोई भुला दिया गया अध्याय पहली बार सामने आएगा?
फिलहाल किसी के पास स्पष्ट जवाब नहीं।
लेकिन इतना तय है कि 15 नवंबर की सुबह सांस्कृतिक भवन ऑडिटोरियम में उठने वाला पर्दा रायगढ़ को एक अनोखे सांस्कृतिक अनुभव से परिचित कराने वाला है।
जिला प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बड़ी संख्या में पहुंचकर इस “अप्रत्याशित और गौरवशाली” आयोजन का साक्षी बनें।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान की रिपोर्ट