बाल दिवस पर घरघोड़ा में विधिक जागरूकता शिविर: बच्चों को अधिकार, कानून और सुरक्षा के प्रति किया जागरूक

फ्रीलांस एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम घरघोड़ा।
बाल दिवस के अवसर पर छत्तीसगढ़ राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, बिलासपुर के निर्देशानुसार घरघोड़ा के नवापारा स्थित पीएम श्री शासकीय स्वामी आत्मानंद विद्यालय में एक महत्वपूर्ण विधिक जागरूकता शिविर आयोजित किया गया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों को उनके संवैधानिक अधिकार, सुरक्षा उपाय, और कानूनों की जानकारी देकर उन्हें सशक्त बनाना रहा।
इस कार्यक्रम का आयोजन प्रधान जिला न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री जितेंद्र जैन (जिला विधिक सेवा प्राधिकरण रायगढ़), विशेष न्यायाधीश/अध्यक्ष श्री शहाबुद्दीन कुरैशी (तालुका विधिक सेवा समिति घरघोड़ा) तथा एडीजे श्री अभिषेक शर्मा के मार्गदर्शन में किया गया, जबकि संचालन एवं समन्वय का दायित्व सचिव श्रीमती अंकिता मुदलियार ने संभाला।
शिविर में उपस्थित पैरालीगल वालंटियर बालकृष्ण (थाना पूंजीपथरा) एवं टीकम सिदार (थाना तमनार) ने बच्चों को बाल दिवस के महत्व, बाल सुरक्षा कानूनों तथा सहायता हेल्पलाइन के बारे में विस्तार से जानकारी दी।
“आज का बालक ही कल का राष्ट्रनिर्माता” — विशेष अभियोजन अधिकारी अर्चना मिश्रा
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता विशेष अभियोजन अधिकारी श्रीमती अर्चना मिश्रा ने बच्चों को संबोधित करते हुए कहा कि “बालक देश का भविष्य और राष्ट्र की अमूल्य धरोहर हैं। समाज की समृद्धि तभी संभव है जब बच्चे सुरक्षित, शिक्षित और जागरूक हों।”
उन्होंने भारतीय संविधान में निहित बच्चों के अधिकारों का उल्लेख करते हुए बताया कि—
6 से 14 वर्ष के बच्चों के लिए मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार (RTE Act)
अनुच्छेद 23 एवं 24 के तहत बाल श्रम, शोषण और बेगार पर प्रतिबंध
0 से 6 वर्ष आयु वर्ग को जीवन का सबसे संवेदनशील और विकासात्मक चरण बताया, जहां संज्ञानात्मक और भावनात्मक क्षमता विकसित होती है
मिश्रा ने सामाजिक और आर्थिक कारणों से होने वाले अपराधों, बाल उत्पीड़न और उनसे बचाव के उपाय भी सरल भाषा में समझाए।

पर्यावरण और स्वच्छता पर जागरूकता
अधिवक्ता पूनम चौहान ने बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, व्यक्तिगत स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी निभाने की प्रेरणा दी। उन्होंने बताया कि स्वच्छ और स्वस्थ वातावरण ही स्वस्थ भविष्य की आधारशिला है।
महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरों की जानकारी
पीएलव्ही टीम ने बच्चों को आपातकालीन सेवाओं के लिए आवश्यक नंबरों से अवगत कराया—
NALSA हेल्पलाइन : 15100
चाइल्ड हेल्पलाइन : 1098
पुलिस सहायता : 100
साथ ही, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण से मुफ्त कानूनी सहायता पाने की प्रक्रिया भी समझाई गई।
शिविर का उद्देश्य
इस विधिक जागरूकता शिविर का मूल लक्ष्य बच्चों को—
बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम
शिक्षा का अधिकार अधिनियम
बाल श्रम निषेध अधिनियम
उनके मौलिक एवं संवैधानिक अधिकार
के बारे में जागरूक करना और उन्हें स्वयं की सुरक्षा के प्रति संवेदनशील बनाना रहा।

कार्यक्रम में विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय कुमार पाण्डा, विशेष अभियोजन अधिकारी अर्चना मिश्रा, अधिवक्ता पूनम चौहान, पैरालीगल वालंटियर बालकृष्ण, टीकम सिदार सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
शिविर के सफल आयोजन ने बच्चों में विधिक जागरूकता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें समाज में सुरक्षित और जिम्मेदार नागरिक बनने की दिशा में एक सशक्त संदेश दिया।
समाचार सहयोगी कृष्णा चौहान की रिपोर्ट