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औद्योगिक सुरक्षा पर सख्त हुई सरकार: रायगढ़ की सात फैक्ट्रियों पर ₹11 लाख से अधिक का जुर्माना, श्रम न्यायालय की कड़ी कार्यवाही



रायगढ़ | एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम

रायगढ़ जिले के औद्योगिक क्षेत्र में कारखाना अधिनियम 1948 के प्रावधानों की अनदेखी अब भारी पड़ने लगी है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग की सख्ती और श्रम न्यायालय की कार्रवाई के बाद जिले की सात प्रमुख औद्योगिक इकाइयों पर ₹11 लाख 02 हजार रुपये से अधिक का अर्थदंड लगाया गया है। यह कार्रवाई कार्यस्थलों पर श्रमिकों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और श्रम कानूनों के पालन को सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण चेतावनी मानी जा रही है।

श्रम न्यायालय रायगढ़ की सख्त रुख अपनाने वाली सुनवाई

कारखाना अधिनियम 1948 के तहत औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, रायगढ़ द्वारा बीते महीनों में विभिन्न फैक्ट्रियों में औचक निरीक्षण किए गए।
निरीक्षण के दौरान सुरक्षा उपकरणों की कमी, कार्यस्थल पर जोखिम प्रबंधन की लापरवाही, कार्य घंटों और श्रम शर्तों में अनियमितताएं जैसी गंभीर खामियां पाई गईं।
इन प्रकरणों पर सुनवाई के बाद श्रम न्यायालय रायगढ़ ने सात कंपनियों को दोषी करार दिया और उन पर अलग-अलग राशि के जुर्माने लगाए।


इन औद्योगिक इकाइयों पर हुई कार्रवाई

1️⃣ मेसर्स नवदुर्गा फ्यूल प्रा. लि.
कारखाना अधिनियम 1948 के कई प्रावधानों के उल्लंघन पर कंपनी को ₹3,90,000/- का अर्थदंड लगाया गया।
प्रकरण तिथियाँ: 21 जून 2024 एवं 1 जुलाई 2025।

2️⃣ मेसर्स एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा. लि.
सुरक्षा मानकों की अनदेखी और अधिनियम उल्लंघन पर ₹1,60,000/- का जुर्माना लगाया गया।
प्रकरण दायर: 26 सितम्बर 2025।

3️⃣ मेसर्स स्काई एलॉयज एंड पावर प्रा. लि.
कारखाने में कार्यस्थल सुरक्षा प्रावधानों की कमी पाए जाने पर ₹2,40,000/- का दंड लगाया गया।
प्रकरण दायर: 26 सितम्बर 2025।

4️⃣ मेसर्स सिंघल स्टील एंड पावर प्रा. लि.
कारखाना अधिनियम उल्लंघन के आरोप में कंपनी पर ₹12,000/- का अर्थदंड लगाया गया।
प्रकरण दायर: 26 सितम्बर 2025।

5️⃣ मेसर्स बी.एस. स्पंज प्रा. लि.
औद्योगिक सुरक्षा नियमों की अनदेखी पर कंपनी को ₹2,10,000/- का जुर्माना भरना होगा।
प्रकरण तिथियाँ: 30 जुलाई 2025 एवं 7 अगस्त 2025।

6️⃣ मेसर्स शारदा एनर्जी एंड मिनरल्स लि.
कंपनी पर ₹50,000/- का जुर्माना अधिनियम उल्लंघन के लिए लगाया गया।
प्रकरण दायर: 28 अप्रैल 2025।

7️⃣ मेसर्स जिंदल स्टील एंड पावर लि. (यूनिट-2)
श्रम न्यायालय ने कंपनी को ₹50,000/- के अर्थदंड से दंडित किया।
प्रकरण दायर: 1 अक्टूबर 2025।

विभाग की चेतावनी — “श्रमिक सुरक्षा पर कोई समझौता नहीं”

उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ (छत्तीसगढ़) ने स्पष्ट कहा कि श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य से जुड़ी व्यवस्थाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
उन्होंने कहा कि भविष्य में भी यदि किसी औद्योगिक इकाई में कानूनों का उल्लंघन पाया गया, तो कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।

> “यह केवल जुर्माना नहीं, बल्कि चेतावनी है — हर फैक्ट्री प्रबंधन को यह समझना होगा कि श्रमिकों की सुरक्षा ही उनकी उत्पादन क्षमता और प्रतिष्ठा की नींव है।”
— उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़




औद्योगिक जवाबदेही की दिशा में ठोस कदम

रायगढ़ जिला छत्तीसगढ़ के औद्योगिक मानचित्र पर एक प्रमुख केंद्र माना जाता है। यहाँ इस्पात, स्पंज आयरन और ऊर्जा उत्पादन से जुड़ी सैकड़ों इकाइयाँ कार्यरत हैं।
हाल के वर्षों में कई दुर्घटनाएँ और श्रम विवाद सामने आए हैं, जिसके बाद विभाग ने निरीक्षण की प्रक्रिया को डिजिटल और पारदर्शी प्रणाली से जोड़ने की दिशा में कदम बढ़ाए हैं।



श्रम न्यायालय की यह कार्रवाई न केवल रायगढ़ बल्कि पूरे प्रदेश की औद्योगिक इकाइयों के लिए एक संदेश है कि अब “लापरवाही का दौर खत्म” और “जवाबदेही का युग शुरू” हो चुका है।
सरकार का यह रुख न सिर्फ श्रमिकों के हक की रक्षा करेगा, बल्कि औद्योगिक वातावरण को भी सुरक्षित और अनुशासित बनाएगा।

समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान की रिपोर्ट

Amar Chouhan

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