इंस्टाग्राम के झांसे में फँसाने पहुँचा युवक गिरफ्तार — चक्रधरनगर पुलिस की तत्परता से नाबालिग छात्रा सुरक्षित, बड़ी वारदात टली

एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़, 9 नवंबर।
सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव के बीच एक बार फिर इसकी खतरनाक सच्चाई उजागर हुई है। रायगढ़ जिले के चक्रधरनगर थाना क्षेत्र में एक युवक ने इंस्टाग्राम के जरिए नाबालिग छात्रा को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले जाने की कोशिश की, लेकिन स्कूल प्रबंधन की सूझबूझ और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से यह बड़ी वारदात टल गई।
मामला तब प्रकाश में आया जब छात्रा के पिता को स्कूल से कॉल आया कि एक अज्ञात युवक छात्रा को लेने आया है और खुद को उसका रिश्तेदार बता रहा है। परिजन तुरंत स्कूल पहुँचे और पुलिस को सूचना दी। पूछताछ में छात्रा ने बताया कि आरोपी युवक पिछले चार दिनों से इंस्टाग्राम पर उससे बातचीत कर रहा था, उसे भरोसे में लेकर मिलने का दबाव बना रहा था। युवक ने अपने झूठे परिचय और भावनात्मक छल से छात्रा को भ्रमित किया था।
सूचना पर तत्काल कार्रवाई करते हुए चक्रधरनगर थाना पुलिस ने मौके पर पहुँचकर आरोपी को पकड़ लिया। उसकी पहचान आशीष भगत पिता मोहन भगत (उम्र 25 वर्ष), निवासी केलो विहार, थाना चक्रधरनगर के रूप में हुई। युवक मारुति सुजुकी कार से स्कूल पहुँचा था और छात्रा को अपने साथ ले जाने की योजना बना रहा था।
पुलिस ने आरोपी के मोबाइल फोन की जब्ती के बाद उसके खिलाफ अपराध क्रमांक 497/2025, धारा 78(2) एवं 333 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, जिसके बाद उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।
इस पूरी कार्रवाई में पुलिस अधीक्षक श्री दिव्यांग कुमार पटेल के निर्देशन में उप निरीक्षक गेंदलाल साहू, सहायक उप निरीक्षक नंद कुमार सारथी और उनकी टीम — जिन्होंने तत्परता और पेशेवर दक्षता का परिचय दिया — की भूमिका सराहनीय रही।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से किशोरियों को झांसे में लेने का प्रयास करता था और इस दिशा में उसकी ऑनलाइन गतिविधियों की जांच जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या उसके संपर्क में और भी छात्राएँ थीं।
सोशल मीडिया के खतरे पर पुलिस की चेतावनी
चक्रधरनगर पुलिस ने इस घटना को सोशल मीडिया के दुरुपयोग का गंभीर उदाहरण बताया है। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों के ऑनलाइन व्यवहार और सोशल मीडिया उपयोग पर निगरानी रखें।
> “बच्चों को समझाएं कि इंस्टाग्राम, फेसबुक या अन्य प्लेटफॉर्म पर बने रिश्ते अक्सर झूठे और भ्रामक हो सकते हैं। छोटी सी असावधानी उन्हें बड़े खतरे में डाल सकती है,” — पुलिस की अपील।
समाज के लिए सबक
यह घटना इस बात की स्पष्ट चेतावनी है कि डिजिटल युग में अभिभावक, शिक्षक और समाज को मिलकर बच्चों को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति जागरूक करना होगा। इंटरनेट की आभासी दुनिया में अपराधी अब भावनात्मक जाल, झूठी पहचान और छल-कपट का सहारा लेकर मासूमों को निशाना बना रहे हैं।
चक्रधरनगर पुलिस की सजगता और त्वरित कार्रवाई ने न केवल एक नाबालिग बालिका को संभावित अपराध से बचाया, बल्कि समाज को भी यह संदेश दिया कि सावधानी ही सुरक्षा है।
समाचार सहयोगी संजीता चौहान की रिपोर्ट