तमनार पुलिस की अनूठी पहल: कानून-व्यवस्था में सहयोग देने वाले सरपंचों और कोटवारों को मिला सम्मान, पुलिस–जन साझेदारी हुई और मजबूत

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम तमनार/रायगढ़, 1 दिसंबर।
जमीनी स्तर पर सामुदायिक पुलिसिंग को मजबूत करने की दिशा में तमनार पुलिस ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए उन सरपंचों और ग्राम कोटवारों को सम्मानित किया, जिन्होंने गांवों में शांति व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और सामाजिक सौहार्द बनाए रखने में उल्लेखनीय योगदान दिया है। यह कार्यक्रम पुलिस अधीक्षक दिव्यांग पटेल के निर्देशन एवं एडिशनल एसपी आकाश मरकाम तथा डीएसपी साइबर सेल अनिल विश्वकर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित किया गया।
थाना परिसर में विशेष बैठक—ग्रामीण पुलिसिंग पर खुली चर्चा
थाना प्रभारी तमनार, निरीक्षक कमला पुसाम ठाकुर की अगुवाई में थाना परिसर में जनप्रतिनिधियों की विशेष बैठक बुलाई गई।
इस बैठक में डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने गांवों में पुलिसिंग की मौजूदा व्यवस्था, स्थानीय चुनौतियों तथा कानून-व्यवस्था को लेकर सरपंचों, पंचों और कोटवारों से सीधे संवाद किया।
उन्होंने कोटवारों को उनके कानूनी दायित्वों, सूचना तंत्र की महत्ता, तथा गांव में उभरने वाले विवादों या आपराधिक गतिविधियों के प्रति सतर्क रहने की सलाह दी। साथ ही, लोगों की सुरक्षा में उनकी भूमिका को “पुलिस और जनता के बीच सबसे मजबूत कड़ी” बताया।

समाज में सौहार्द बढ़ाने वालों का सम्मान—शॉल व प्रशस्ति पत्र प्रदान
कार्यक्रम के दौरान उन जनप्रतिनिधियों को शॉल एवं प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने अपने-अपने गांव में—
कानून व्यवस्था बनाए रखने,
विवादों को शांतिपूर्ण ढंग से निपटाने,
पुलिस को समय पर जानकारी उपलब्ध कराने,
और सामाजिक सौहार्द कायम रखने
में सक्रिय भूमिका निभाई।

सम्मानित व्यक्तियों में शामिल हैं—
गौरी राठिया (सरपंच, महलोई), कुंती सिदार (सरपंच, समकेरा), सरस्वती किसान (सरपंच, बिजना), सुकांति सिदार (सरपंच, धौंराभांठा) सहित कई कोटवार—चैतराम चौहान (नवापारा), राज सिंह चौहान (सिलिहारी), गोपाल कुमार चौहान (खम्हरिया), सी.वी. सिंह चौहान (समकेरा), श्यामलाल कसडोल (अध्यक्ष), सत्यनारायण बुढ़िया।
जन–पुलिस सहयोग को नई दिशा
सम्मान समारोह के बाद डीएसपी अनिल विश्वकर्मा ने कहा कि जब स्थानीय जनप्रतिनिधि कानून व्यवस्था में सहयोग करते हैं, तब पुलिसिंग की गुणवत्ता स्वतः बेहतर होती है।
तमनार पुलिस की यह पहल न केवल पुलिस और ग्रामीणों के बीच विश्वास को मजबूत करती है, बल्कि सहभागिता-आधारित शासन व्यवस्था का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत करती है।

सुरक्षित तमनार की ओर एक कदम और
तमनार क्षेत्र में बढ़ते जनसहयोग के साथ अब पुलिस के सामने अपराध नियंत्रण और शांति व्यवस्था मजबूत करने के नए अवसर बने हैं। अधिकारीयों का मानना है कि इस प्रकार के सम्मान कार्यक्रम आगे भी आयोजित किए जाएंगे, ताकि जनप्रतिनिधियों की भूमिका और अधिक सशक्त हो सके।