अवैध धान की बड़ी खेप पकड़ी गई – BJP नेता पर पत्रकारों को धमकाने के आरोप, प्रशासन अलर्ट मोड में!

एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़/खरसिया।
धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले ही खरसिया में अवैध धान के कारोबार का खुलासा होने से प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया है। सोमवार दोपहर (27 अक्टूबर 2025) को खरसिया के बानीपाथर रेलवे ओवरब्रिज पर एक ट्रेलर में बड़ी मात्रा में धान लोड कर ले जाया जा रहा था। संदेह होने पर स्थानीय लोगों और पत्रकारों ने ट्रेलर को रोककर जांच की, जिसमें मामला संदिग्ध पाया गया।
कागजात मांगने पर जवाब गोलमोल, ट्रेलर जब्त
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रेलर चालक और उसके साथ बैठे व्यक्ति से जब पूछताछ की गई तो दोनों ने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। सूचना मिलते ही खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने नायब तहसीलदार काजल अग्रवाल, खाद निरीक्षक और मंडी उपनिरीक्षक की टीम को मौके पर भेजा।
मौके पर जब वाहन के कागजात मांगे गए, तो ट्रेलर के साथियों के पास कोई वैध दस्तावेज नहीं मिले। प्रशासनिक टीम ने तत्परता दिखाते हुए ट्रेलर को थाना खरसिया पहुंचाया।
जांच में पता चला कि ट्रेलर में लगभग 650 से 800 बोरी धान लोड थी। फिलहाल धान के स्रोत और वास्तविक मालिक की पहचान के लिए जांच जारी है।

भाजपा नेता पर धमकी का आरोप, मीडिया जगत में आक्रोश
इस बीच सूत्रों से जानकारी मिली कि पकड़े गए धान का संबंध एक स्थानीय भाजपा नेता से बताया जा रहा है। आरोप है कि संबंधित नेता ने मामले की जानकारी लेने पहुंचे पत्रकारों को धमकी भरे लहजे में चेतावनी दी।
इस घटना के बाद स्थानीय मीडिया कर्मियों में भारी रोष देखा गया है। पत्रकार संगठन ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच हो और पत्रकारों को धमकाने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाए।
अधिकारियों ने दिया कार्रवाई का संकेत
खरसिया एसडीएम प्रवीण तिवारी ने कहा कि “धान खरीदी प्रारंभ होने से पहले किसी भी प्रकार की अवैध ढुलाई या भंडारण को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।” उन्होंने मामले की विस्तृत जांच रिपोर्ट तलब की है।
वहीं मंडी उप निरीक्षक मिश्रा ने बताया कि “धान की वैधता जांचने के लिए ऋण पुस्तिका मंगाई गई है। दस्तावेजों की पुष्टि के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।” हालांकि जब उनसे पूछा गया कि धान वैध है या अवैध, तो उन्होंने गोलमोल जवाब दिया।
राजनीतिक संरक्षण की चर्चा तेज
खरसिया में यह मामला अब राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। धान खरीदी सीजन शुरू होने से पहले ही ऐसे अवैध परिवहन ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। सवाल यह भी उठ रहा है कि क्या इस धंधे को राजनीतिक संरक्षण प्राप्त है, या यह एक सामान्य अवैध व्यापार का मामला है।
प्रशासन ने संकेत दिया है कि अगर जांच में किसी भी व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, चाहे वह राजनीतिक दल से जुड़ा हो या आम नागरिक, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान की रिपोर्ट