Latest News

24 घंटे में दस्तयाबी, लेकिन सवाल बरकरार — पॉक्सो मामलों की बढ़ती तादाद और समाज की साझा ज़िम्मेदारी

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com

रायगढ़, 31 जनवरी।
कोतवाली पुलिस द्वारा 24 घंटे के भीतर लापता नाबालिग बालिका की सुरक्षित दस्तयाबी निस्संदेह एक त्वरित और सराहनीय कार्रवाई है, लेकिन यह घटना जिले में लगातार सामने आ रहे पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों की गंभीरता को एक बार फिर उजागर करती है। राहत की खबर के पीछे छिपी यह सच्चाई है कि नाबालिगों को बहला-फुसलाकर अपराध की ओर धकेलने की प्रवृत्ति थमने का नाम नहीं ले रही।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, 28 जनवरी को घर से बिना बताए निकली नाबालिग बालिका की गुमशुदगी की रिपोर्ट 29 जनवरी को उसकी मां द्वारा थाना सिटी कोतवाली रायगढ़ में दर्ज कराई गई थी। प्रारंभिक पतासाजी के बावजूद जब बालिका का कोई सुराग नहीं मिला, तब परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताई। पुलिस ने मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए तत्काल अपराध क्रमांक 34/2026, धारा 137(2) भारतीय न्याय संहिता के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के स्पष्ट निर्देशों के बाद कोतवाली पुलिस ने तेज़ी से कार्रवाई करते हुए चक्रधरनगर थाना क्षेत्र से बालिका को आरोपी आशीष चौहान (19 वर्ष), निवासी रामभांठा रायगढ़ के कब्जे से सुरक्षित दस्तयाब किया। बालिका के कथन एवं चिकित्सकीय परीक्षण के आधार पर आरोपी के विरुद्ध पॉक्सो एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं और उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।

यह कार्रवाई जहां पुलिस की तत्परता को दर्शाती है, वहीं यह भी सोचने पर मजबूर करती है कि आखिर क्यों ऐसे मामलों की संख्या लगातार बढ़ रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और बदलती जीवनशैली के बीच नाबालिगों की निगरानी में जरा-सी चूक उन्हें अपराधियों के जाल तक पहुंचा देती है।

एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कहा—
“नाबालिगों से जुड़े अपराध किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। बच्चों की सुरक्षा पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है। पॉक्सो एक्ट के तहत दोषियों पर कठोरतम कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।”

परिजनों और समाज के लिए संदेश
पुलिस की कार्रवाई अपनी जगह महत्वपूर्ण है, लेकिन बच्चों की वास्तविक सुरक्षा घर से शुरू होती है। परिजनों को चाहिए कि वे नाबालिगों की गतिविधियों, मित्रों और ऑनलाइन व्यवहार पर सतत निगरानी रखें, उनसे संवाद बनाए रखें और किसी भी असामान्य बदलाव को हल्के में न लें। साथ ही समाज और स्कूल स्तर पर भी जागरूकता बढ़ाना आज की सबसे बड़ी ज़रूरत बन चुकी है।

इस पूरे मामले में निरीक्षक सुखनंदन पटेल, उप निरीक्षक दिलीप बेहरा एवं उनकी टीम की सक्रिय भूमिका रही।
पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि यदि कहीं भी नाबालिगों से जुड़ी संदिग्ध गतिविधि दिखाई दे, तो तत्काल पुलिस को सूचना दें—क्योंकि एक समय पर दी गई जानकारी किसी मासूम भविष्य को बचा सकती है।

Amar Chouhan

AmarKhabar.com एक हिन्दी न्यूज़ पोर्टल है, इस पोर्टल पर राजनैतिक, मनोरंजन, खेल-कूद, देश विदेश, एवं लोकल खबरों को प्रकाशित किया जाता है। छत्तीसगढ़ सहित आस पास की खबरों को पढ़ने के लिए हमारे न्यूज़ पोर्टल पर प्रतिदिन विजिट करें।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button