हाइवे पर खड़े ट्रकों का डीजल बन गया था ‘काला सोना’, रायगढ़ पुलिस की दबिश में संगठित गिरोह बेनकाब

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 23 जनवरी —
हाइवे पर खड़े भारी वाहनों की टंकियों से डीजल चोरी कर उसे सस्ते दामों में बेचने वाले संगठित गिरोह पर रायगढ़ पुलिस ने बड़ी और सटीक कार्रवाई करते हुए करीब 2000 लीटर चोरी का डीजल और छोटा डीजल टैंकर जप्त किया है। इस कार्रवाई में पुलिस ने तीन आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है, जबकि गिरोह का एक मुख्य सदस्य अभी फरार बताया जा रहा है।
पुलिस अधीक्षक दिव्यांग कुमार पटेल के स्पष्ट दिशा-निर्देशन तथा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार सोनी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (साइबर सेल) अनिल कुमार विश्वकर्मा और पुलिस अनुविभागीय अधिकारी प्रभात कुमार पटेल के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई साइबर सेल और छाल थाना पुलिस की संयुक्त टीम द्वारा अंजाम दी गई।
दरअसल, छाल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाइवे पर लगातार खड़े ट्रकों से डीजल चोरी की शिकायतें पुलिस तक पहुंच रही थीं। इसे गंभीर मानते हुए पुलिस ने विशेष निगरानी और गुप्त सूचना तंत्र को सक्रिय किया। इसी कड़ी में 22 जनवरी 2026 को पेट्रोलिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि ग्राम हाटी–धरमजयगढ़ मुख्य मार्ग पर ढोडीखार के पास कुछ लोग डीजल की अवैध बिक्री के लिए ग्राहक तलाश कर रहे हैं।
सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और YODHA 1700 छोटा डीजल टैंकर (क्रमांक BR 09 GC 1865) के साथ तीन व्यक्तियों को पकड़ लिया। टैंकर की जांच में उसमें करीब 2000 लीटर डीजल जैसा ज्वलनशील पदार्थ बरामद हुआ, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग दो लाख रुपये आंकी गई।
पकड़े गए आरोपियों ने पूछताछ में अपने नाम
विजय कुमार साव (18),
रवि कुमार साव (28) — दोनों निवासी लखीसराय (बिहार), हाल निवास ग्राम सिथरा थाना धरमजयगढ़, तथा
रजिंत कुमार साव (38) निवासी भिलाई पावर हाउस, जिला दुर्ग (छत्तीसगढ़)
बताए।
जांच में खुलासा हुआ कि यह गिरोह छाल–हाटी–धरमजयगढ़ मार्ग पर पेट्रोल पंपों, ढाबों और सुनसान जगहों पर खड़े ट्रकों से डीजल चोरी करता था। इसके अलावा मुख्य मार्ग से गुजरने वाले वाहनों से बाजार मूल्य से कम दाम पर डीजल खरीदकर, अलग-अलग स्थानों पर ग्राहकों को सस्ते दामों में बेचता था। आरोपियों विजय और रवि ने अपने भाई राजेश उर्फ कुरू साव के साथ मिलकर इस अवैध कारोबार को संगठित तरीके से संचालित करना स्वीकार किया है। फिलहाल राजेश उर्फ कुरू साव फरार है, जिसकी तलाश जारी है।
प्रकरण में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3, 7 तथा भारतीय न्याय संहिता की धारा 287, 111 के तहत अपराध क्रमांक 09/2026 दर्ज कर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है।
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी छाल निरीक्षक त्रिनाथ त्रिपाठी, सहायक उप निरीक्षक शिव शंकर खरे, प्रधान आरक्षक शंभू पांडे, आरक्षक कृष्णा टंडन, सतीश जगत, रामकृष्ण पटेल, दिलीप सिदार तथा साइबर सेल से प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, दुर्गेश सिंह, आरक्षक महेश पंडा, पुष्पेंद्र जाटवर, धनंजय कश्यप की अहम भूमिका रही।
जप्त मशरूका में करीब 2000 लीटर डीजल, एक डीजल टैंकर YODHA 1700 शामिल है, जिसकी कुल कीमत लगभग 8 लाख रुपये आंकी गई है।
हाइवे पर लंबे समय से चल रहे इस अवैध धंधे पर पुलिस की इस कार्रवाई को न सिर्फ बड़ी सफलता माना जा रहा है, बल्कि यह स्पष्ट संकेत भी है कि रायगढ़ पुलिस ऐसे संगठित अपराधों पर अब सीधे और निर्णायक वार कर रही है।