सरकार समाज के प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए संकल्पबद्ध – मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 14 फरवरी 2026।
राजनीति के औपचारिक मंचों से अलग, सर्किट हाउस का वातावरण शनिवार को कुछ अलग ही था। यहां भाषण कम और संवाद अधिक था। प्रदेश के मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai ने अपने रायगढ़ प्रवास के दौरान जिले के विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों से आत्मीय मुलाकात की। यह मुलाकात औपचारिकता भर नहीं रही, बल्कि समाज के विविध वर्गों की अपेक्षाओं, आशंकाओं और सुझावों का सीधा आदान-प्रदान बन गई।

28 समाज, एक मंच और साझा संवाद
बैठक में जिले के कुल 28 समाजों के प्रतिनिधि शामिल हुए। अघरिया, बंगाली सिख, केरल, अग्रवाल, यादव, साहू, माली, गुजराती, चौहान, आदिवासी, उत्कल, सिंधी, सतनामी, करण महंती, केसरवानी, बरई-थवाईत, राजपूत, मराठी, कुशवाहा, सोनी ब्राह्मण, भोजपुरी, निषाद, जैन, कोलता, देवांगन और कुम्हार समाज के प्रमुखों ने बारी-बारी से अपनी बात रखी।
किसी ने छात्रावास और सामुदायिक भवन की मांग उठाई, तो किसी ने युवाओं के कौशल प्रशिक्षण, रोजगार और सामाजिक समरसता से जुड़े मुद्दे सामने रखे। कुछ प्रतिनिधियों ने स्थानीय स्तर पर योजनाओं के क्रियान्वयन में आ रही व्यावहारिक कठिनाइयों की ओर भी ध्यान दिलाया।
मुख्यमंत्री ने सभी वक्तव्यों को गंभीरता से सुना। बीच-बीच में वे नोट्स भी लेते रहे और संबंधित अधिकारियों की ओर संकेत कर आवश्यक बिंदुओं पर तत्काल संज्ञान लेने के निर्देश देते दिखाई दिए।

योजनाएँ तभी सफल जब समाज साथ खड़ा हो
मुख्यमंत्री साय ने कहा कि सरकार की योजनाएँ कागजों में नहीं, लोगों के जीवन में दिखनी चाहिए। उनके शब्दों में, “शासन की जनकल्याणकारी योजनाएँ तभी सार्थक होंगी जब समाज के प्रतिनिधि स्वयं आगे बढ़कर लोगों को उनसे जोड़ेंगे।”
उन्होंने सामाजिक संगठनों को शासन और जनता के बीच सेतु की भूमिका निभाने का आह्वान किया। मुख्यमंत्री ने यह भी स्पष्ट किया कि राज्य सरकार प्रत्येक वर्ग के सर्वांगीण विकास के लिए प्रतिबद्ध है और संवाद की यह प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

सकारात्मक आश्वासन, समन्वय का भरोसा
समाज प्रमुखों द्वारा रखी गई मांगों पर मुख्यमंत्री ने नियमानुसार आवश्यक कार्यवाही का आश्वासन दिया। उन्होंने कहा कि विकास केवल भौतिक संसाधनों से नहीं, बल्कि सामाजिक समन्वय और सहभागिता से आगे बढ़ता है।
बैठक के अंत में औपचारिकता की दीवारें और भी हल्की हो गईं जब मुख्यमंत्री ने समाज के प्रमुख जनों के साथ सामूहिक रूप से भोजन ग्रहण किया। सौहार्दपूर्ण वातावरण में हुई यह पहल संकेत देती है कि सरकार सामाजिक संवाद को केवल मंचीय कार्यक्रम नहीं, बल्कि विश्वास निर्माण की प्रक्रिया मान रही है।

जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अमला उपस्थित
इस अवसर पर वित्त मंत्री श्री ओ.पी. चौधरी, नगर निगम महापौर श्री जीवर्धन चौहान, सभापति श्री डिग्रीलाल साहू, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती शिखा रविन्द्र गबेल सहित अन्य जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। पूर्व विधायक श्री विजय अग्रवाल, श्री अरुणधर दीवान और श्री गुरुपाल भल्ला भी उपस्थित थे।
प्रशासनिक स्तर पर कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री शशिमोहन सिंह सहित अन्य अधिकारीगण बैठक में मौजूद रहे और समाज प्रमुखों द्वारा उठाए गए बिंदुओं को संज्ञान में लिया।

रायगढ़ में हुआ यह संवाद बताता है कि शासन यदि समाज के साथ बैठकर सुनने को तैयार हो, तो विकास की दिशा अधिक समावेशी और व्यावहारिक बन सकती है। अब देखना यह होगा कि इन आश्वासनों का धरातल पर कितना और कितना शीघ्र प्रभाव दिखाई देता है।