संगठन की एकता ही समाज की असली शक्ति — अमलीढ़ोडा में चौहान समाज का आत्ममंथन

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। ग्राम अमलीढ़ोडा, विकास खंड तमनार में चौहान समाज द्वारा आयोजित बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह समाज के भविष्य को लेकर किया गया एक गंभीर और आत्मचिंतनपूर्ण संवाद था। जिला अध्यक्ष युवा प्रकोष्ठ माननीय श्री रामेश्वर चौहान जी के नेतृत्व में आहूत इस बैठक में मातृशक्ति और पितातुल्य वरिष्ठजनों की गरिमामयी उपस्थिति ने इसे विशेष बना दिया।
बैठक के दौरान समाज में पीढ़ियों से चली आ रही कुछ कुरीतियों पर खुलकर चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि समाज को आगे बढ़ना है तो उसे परंपरा और प्रगति के बीच संतुलन बनाना होगा। इसी क्रम में भारत रत्न बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर जी के संघर्षों को स्मरण करते हुए बताया गया कि किस प्रकार उन्होंने दलित समाज को संविधान के माध्यम से अधिकार, सम्मान और समानता का मार्ग दिखाया। यह संदेश दिया गया कि अधिकारों की रक्षा तभी संभव है, जब समाज शिक्षित, संगठित और जागरूक होगा।
बैठक में शिक्षा को समाज की रीढ़ बताते हुए इसे मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इसके साथ ही एकता, नशामुक्ति, महिला सशक्तिकरण, रोजगार के अवसर, सांस्कृतिक सुधार, चरित्र निर्माण और जिम्मेदारीपूर्वक सामाजिक आचरण जैसे विषयों पर विस्तार से विचार रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि समाज के भीतर आपसी स्नेह, सहयोग और सकारात्मक व्यवहार ही संगठन को मजबूत बनाता है और यही एकता समाज को हर चुनौती से लड़ने की शक्ति देती है।
ग्राम अमलीढ़ोडा की मातृशक्ति और पितातुल्यों ने पूरे ध्यान और गंभीरता के साथ विचारों को सुना, जो इस बात का संकेत है कि समाज बदलाव के लिए तैयार है। बैठक का सबसे महत्वपूर्ण निष्कर्ष यह रहा कि संगठन की मजबूती के बिना समाज का विकास अधूरा है।
इसी भावना को आगे बढ़ाते हुए चौहान समाज ग्राम अमलीढ़ोडा द्वारा माननीय श्री रामेश्वर चौहान जी को पुनः 15 फरवरी 2026 को दोपहर 4 बजे आमंत्रित किया गया है। इस अगली बैठक में समाज के सभी वर्ग—युवा, बहुरिया, छात्र, मातृशक्ति और पितातुल्य—एक साथ बैठकर समाज की दिशा और दशा पर सामूहिक मंथन करेंगे। यह सहर्ष स्वीकार किया जाना समाज में बढ़ती एकजुटता का स्पष्ट प्रमाण है।
बैठक में तमनार विकास खंड के युवा प्रकोष्ठ के संगठन मंत्री श्री नरेन्द्र चौहान जी की सराहनीय उपस्थिति ने आयोजन को और भी मजबूती प्रदान की।
कुल मिलाकर, अमलीढ़ोडा की यह बैठक चौहान समाज के लिए एक संदेश छोड़ गई—जब समाज संगठित होता है, तब परिवर्तन केवल सपना नहीं, बल्कि साकार होने वाली सच्चाई बन जाता है।