पत्नी ने कहा साथ नहीं रहूंगी… पति ने गला दबाकर ले ली जान, रायगढ़ कोर्ट ने सुनाया आजीवन कारावास का फैसला

एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़। पत्नी के छोड़कर जाने की बात पर भड़ककर की गई निर्मम हत्या के मामले में रायगढ़ जिला अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। द्वितीय अपर सत्र न्यायाधीश जितेन्द्र कुमार ठाकुर की अदालत ने आरोपी पति अभिषेक चौहान को अपनी पत्नी की हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास और एक हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त सश्रम कारावास भुगतना होगा। इस मामले में शासन पक्ष की ओर से अपर लोक अभियोजक मोहन सिंह ठाकुर ने पैरवी की।
घटना का पृष्ठभूमि: नाराज पति ने उतारा पत्नी पर गुस्सा
मामला चक्रधर नगर थाना क्षेत्र के कोलाईबहाल (इंदिरा आवास मोहल्ला) का है। दिनांक 11 अगस्त 2022 की शाम करीब साढ़े 6 बजे गांव में अफरा-तफरी मच गई जब यह खबर फैली कि 22 वर्षीय अभिषेक चौहान ने अपनी दूसरी पत्नी सोनी सिदार की गला दबाकर हत्या कर दी है।
सूचनाकर्ता शंकर चौहान ने पुलिस को बताया कि जब वह मौके पर पहुंचे तो घर के अंदर सोनी सिदार का शव फर्श पर पड़ा हुआ था, और सिर के पीछे से खून बह रहा था। आसपास के लोगों में दहशत का माहौल था।
पुलिस जांच में उजागर हुआ खौफनाक सच
सूचना पर चक्रधर नगर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भिजवाया। मेडिकल रिपोर्ट में सामने आया कि महिला की मौत मुंह, नाक और छाती पर दबाव पड़ने से दम घुटने के कारण हुई थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी अभिषेक चौहान ने स्वीकार किया कि उसकी पत्नी सोनी सिदार उसे छोड़कर जाने की बात कह रही थी, जिससे वह गुस्से में आगबबूला हो गया और गुस्से में आकर उसका गला दबा दिया। हत्या के बाद आरोपी वहीं मौजूद रहा और अगली सुबह घटना की जानकारी गांववालों को लगी।
अदालत में पेशी और सजा
पुलिस ने मामले में हत्या का अपराध धारा 302 भारतीय दंड संहिता (IPC) के तहत दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया। जांच पूर्ण होने के बाद मामला न्यायालय में पेश किया गया।
मुकदमे के दौरान अभियोजन पक्ष ने गवाहों और सबूतों के माध्यम से यह साबित किया कि हत्या अभिषेक चौहान ने ही की थी। बचाव पक्ष द्वारा दी गई दलीलों को अदालत ने अस्वीकार करते हुए आरोपी को दोषी करार दिया।
न्याय का संदेश
अदालत ने अपने निर्णय में कहा कि “पति-पत्नी के निजी मतभेद किसी भी स्थिति में हिंसा या हत्या का कारण नहीं बन सकते। समाज में ऐसे अपराधों को रोकने के लिए कठोर सजा आवश्यक है।”
इस फैसले के साथ ही रायगढ़ जिले में एक और वैवाहिक कलह से उपजी हत्या के मामले को न्यायालय ने निर्णायक अंजाम तक पहुंचा दिया।
समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान की रिपोर्ट