शब्द मेल को मिला नया नेतृत्व, सुधीर चौहान संभालेंगे स्टेट हेड की जिम्मेदारी

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम सारंगढ़–बिलाईगढ़।
छत्तीसगढ़ की पत्रकारिता में सक्रिय और जमीनी पहचान बना चुके वरिष्ठ पत्रकार सुधीर चौहान को नए वर्ष की शुरुआत में एक अहम जिम्मेदारी सौंपी गई है। दैनिक शब्द मेल अखबार प्रबंधन ने उन्हें स्टेट हेड (छत्तीसगढ़) नियुक्त किया है। यह नियुक्ति उनके निरंतर उत्कृष्ट कार्य, संगठन के प्रति समर्पण और पत्रकारिता में लंबे अनुभव का परिणाम मानी जा रही है।
सुधीर चौहान इससे पूर्व दैनिक शब्द मेल में रायगढ़ जिला ब्यूरो प्रमुख के रूप में लगभग एक वर्ष तक कार्यरत रहे। इसके बाद उन्हें उनके बेहतर प्रदर्शन को देखते हुए पूरे छत्तीसगढ़ के प्रभार की जिम्मेदारी सौंपी गई, जिसे उन्होंने एक वर्ष तक सफलतापूर्वक निभाया। संगठन के भीतर उनकी कार्यशैली, खबरों की समझ और नेतृत्व क्षमता को लगातार सराहा गया।
पिछले तीन वर्षों से सुधीर चौहान दैनिक शब्द मेल अखबार से जुड़े हुए हैं और इस दौरान उन्होंने अखबार की पहुंच और विश्वसनीयता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाई है। जमीनी मुद्दों, सामाजिक सरोकारों, प्रशासनिक जवाबदेही और जनहित से जुड़ी खबरों को प्राथमिकता देना उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है।
नई जिम्मेदारी मिलने पर सुधीर चौहान ने अखबार के संपादक जयप्रकाश विश्वकर्मा के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संगठन ने उन पर जो भरोसा जताया है, वह उसे पूरी निष्ठा, ईमानदारी और प्रतिबद्धता के साथ निभाएंगे। उन्होंने कहा कि शब्द मेल को छत्तीसगढ़ में और अधिक सशक्त, निष्पक्ष एवं जनविश्वास का माध्यम बनाने की दिशा में वे पूरी टीम के साथ कार्य करेंगे।
गौरतलब है कि दैनिक शब्द मेल के अलावा सुधीर चौहान पिछले करीब 10 वर्षों से विभिन्न समाचार पत्रों और न्यूज चैनलों के माध्यम से पत्रकारिता सेवा दे रहे हैं। उनके अनुभव और सक्रियता के चलते उन्होंने पत्रकारिता जगत में अपनी एक अलग पहचान बनाई है।
स्टेट हेड बनाए जाने की खबर के बाद जिले और प्रदेशभर के पत्रकार साथियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं शुभचिंतकों ने उन्हें बधाई दी है। सभी ने उम्मीद जताई है कि उनके नेतृत्व में दैनिक शब्द मेल छत्तीसगढ़ में और अधिक मजबूती, विश्वसनीयता और प्रभाव के साथ अपनी भूमिका निभाएगा।
यह नियुक्ति न सिर्फ सुधीर चौहान के व्यक्तिगत पत्रकारिता सफर की उपलब्धि है, बल्कि छत्तीसगढ़ की जिम्मेदार और जनपक्षधर पत्रकारिता के लिए भी एक सकारात्मक संकेत के रूप में देखी जा रही है।