तमनार वनपरिक्षेत्र में अवैध कब्जाधारकों पर बड़ी कार्रवाई — बिजली तार से हाथी की मौत के बाद 16 आरोपी जेल भेजे गए

फ्रीलांस एडिटर जर्नलिस्ट अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़। तमनार वनपरिक्षेत्र के अंतर्गत आने वाले केराखोल (पश्चिम) परिक्षेत्र की कोरखोल राजस्व भूमि में अवैध कब्जे और घातक विद्युत जाल बिछाने के मामले में वन विभाग ने सख्त कार्रवाई करते हुए अब तक कुल 16 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। यह कार्रवाई उस दर्दनाक घटना के बाद तेज हुई, जिसमें वन्य जीव हाथी की बिजली प्रवाहित तार की चपेट में आकर मौत हो गई थी।
बिजली प्रवाहित तार से वन्य जीव की मौत
घटना 19 और 20 अक्टूबर 2025 को निरीक्षण के दौरान घटित हुई थी। वन अमले की टीम नियमित गश्त पर थी, तभी एक हाथी खेत के किनारे लगाए गए तार के संपर्क में आ गया। यह तार अवैध कब्जाधारकों द्वारा खेत की सुरक्षा के नाम पर लगाया गया था, परंतु उस पर बिजली प्रवाहित थी, जिससे वन्य जीव की मौके पर ही मौत हो गई।
इस दर्दनाक हादसे ने पूरे वन विभाग को झकझोर दिया और तत्काल वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर मामले की विस्तृत जांच शुरू की गई।
वन अपराध प्रकरण दर्ज, जांच में चौंकाने वाले तथ्य
वन विभाग ने इस घटना को गंभीर अपराध मानते हुए वन अपराध प्रकरण क्रमांक 4781/17 दिनांक 20.10.2025 के तहत मामला दर्ज किया। विवेचना के दौरान यह तथ्य सामने आया कि संबंधित भूमि राजस्व रिकॉर्ड में वन क्षेत्र के अंतर्गत आती है, और उस पर कई लोगों द्वारा अवैध कब्जा कर खेती की जा रही थी।
इतना ही नहीं, खेतों की सुरक्षा के नाम पर बिजली प्रवाहित तार लगाए गए थे, जो वन्यजीवों और मनुष्यों दोनों के लिए घातक जाल बन चुके थे।

अब तक 16 आरोपी गिरफ्तार
मामले में वन्यजीव संरक्षण अधिनियम, 1972 की धारा 9 एवं 51 सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं के तहत कार्रवाई करते हुए विभाग ने पहले ही 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया था।
जांच की कड़ी को आगे बढ़ाते हुए 12 नवंबर 2025 को छह और आरोपियों की गिरफ्तारी की गई।
सभी आरोपियों को माननीय न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी, घरघोड़ा के समक्ष पेश किया गया, जहाँ से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
वन विभाग ने दी सख्त चेतावनी
वन विभाग के अधिकारियों ने कहा है कि वन भूमि पर अवैध कब्जा, अवैध खेती या बिजली प्रवाहित तार लगाना गंभीर अपराध है। इस तरह की गतिविधियाँ न केवल वन्यजीवों के लिए बल्कि वनकर्मियों और ग्रामीणों के लिए भी घातक हैं।
विभाग ने चेतावनी दी है कि ऐसे किसी भी अवैध कार्य में लिप्त पाए जाने वालों के विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
स्थानीय स्तर पर दहशत और सतर्कता
इस घटना के बाद तमनार वनपरिक्षेत्र के आसपास के गाँवों में दहशत का माहौल है। कई ग्रामीणों ने अवैध कब्जा हटाने और बिजली प्रवाहित तारों को नष्ट करने की प्रक्रिया में वन विभाग का सहयोग शुरू किया है। वहीं, वन विभाग ने भी पूरे क्षेत्र में निगरानी और गश्त बढ़ा दी है, ताकि इस तरह की घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
समाचार सहयोगी नरेश राठिया की रिपोर्ट