रायगढ़ में दो दर्दनाक सड़क हादसे: ट्रैक्टर और अज्ञात वाहन की टक्कर से दो लोगों की मौत, दो अब भी अस्पताल में जिंदगी से जूझ रहे
फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़। जिले में गुरुवार का दिन सड़क हादसों के नाम रहा। अलग-अलग थाना क्षेत्रों में हुए दो भीषण हादसों ने दो परिवारों से उनके अपने छीन लिए, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल होकर अस्पताल में इलाज करा रहे हैं। एक हादसे में तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने बाइक सवार दंपती को रौंद दिया, वहीं दूसरी घटना में अज्ञात वाहन की ठोकर से पिता-पुत्र सड़क पर तड़पते मिले।
पहला हादसा: सब्जी लेकर घर लौट रहा दंपती… रास्ते में खत्म हो गई जिंदगी
धरमजयगढ़ थाना क्षेत्र के ग्रामीण लाभोराम यादव ने बताया कि उनका बड़ा भाई चनगुंजन यादव अपनी पत्नी चंद्रकला यादव के साथ रोजमर्रा की जरूरत का सामान खरीदने बाजार गया था। दोपहर का कामकाज निपटाने के बाद दोनों बाइक से घर लौट रहे थे।
शाम करीब 4:30 बजे बोकी पतरापारा के पास एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रैक्टर वहीं सड़क किनारे पलट गया, जबकि दंपती कई फीट दूर जा गिरे। ग्रामीणों ने तुरंत संजीवनी 108 को सूचना दी। एंबुलेंस से दोनों को धरमजयगढ़ सिविल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद चनगुंजन यादव को मृत घोषित कर दिया। उनकी पत्नी चंद्रकला गंभीर रूप से घायल हैं और अस्पताल में इलाज जारी है।
घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी पुलिस तलाश कर रही है।
दूसरा हादसा: काम से लौट रहे पिता-पुत्र को अज्ञात वाहन ने रौंदा, पिता की मौत
लैलूंगा क्षेत्र में भी दोपहर बाद दर्दनाक हादसा हुआ। करनू नाग ने पुलिस को बताया कि उसका भतीजा प्रदीप नाग अपने बेटे अनिल के साथ निजी कार्य से लैलूंगा गया था। वापसी में रूडकेला विंकल क्रेशर के पास सामने से आ रही एक अज्ञात तेज रफ्तार गाड़ी ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी।
धक्का लगते ही दोनों सड़क पर गिर पड़े। प्रदीप गंभीर रूप से घायल हुए—उनकी गर्दन, मुंह और सीने में गहरी चोटें आईं। बेटे अनिल को हाथ और पेट में चोटें लगीं। दोनों को लैलूंगा अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान प्रदीप नाग की मौत हो गई। अनिल नाग अभी भी उपचाराधीन है।
हादसों की बढ़ती रफ्तार पर सवाल
जिले में पिछले कुछ दिनों से सड़क हादसों की रफ्तार लगातार बढ़ी है। कहीं तेज रफ्तार वाहनों का कहर, तो कहीं लापरवाह चालकों की मनमानी—आम लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। पुलिस दोनों मामलों में जांच कर रही है, लेकिन ग्रामीणों का सवाल वही पुराना है—“कब रुकेगी सड़क पर मौत का सिलसिला?”