रायगढ़ पुलिस की बड़ी कामयाबी: अंतर्राज्यीय बाइक चोरी नेटवर्क ध्वस्त, 21 वाहन जब्त, 10 आरोपी गिरफ्त में

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़, 4 अप्रैल 2026।
रायगढ़ पुलिस ने संगठित अपराध के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय बाइक चोर गिरोह का भंडाफोड़ किया है। साइबर थाना और पूंजीपथरा पुलिस की संयुक्त टीम ने इस ऑपरेशन में मुख्य आरोपी सुखदेव चौहान को गिरफ्तार किया, जबकि उसका साथी शिव नागवंशी अब भी फरार है और उसकी तलाश जारी है। इस कार्रवाई में चोरी की 21 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 15 लाख रुपये बताई जा रही है।
पुलिस ने इस मामले में केवल चोरी करने वालों तक ही सीमित न रहकर चोरी की बाइक खरीदने वाले 9 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है, जिससे पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ है। यह कार्रवाई इस बात का संकेत है कि अब पुलिस चोरी की संपत्ति के खरीदारों पर भी समान रूप से सख्ती बरत रही है।

मुखबिर तंत्र और निगरानी से खुला राज
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह के निर्देश पर संपत्ति संबंधी अपराधों पर विशेष निगरानी रखी जा रही थी। इसी दौरान साइबर सेल को मिली सूचना ने पूरे गिरोह तक पहुंचने का रास्ता खोल दिया। जानकारी के अनुसार, लैलूंगा थाना क्षेत्र के धौराडांड निवासी सुखदेव चौहान और किलकिला निवासी शिव नागवंशी मिलकर पूंजीपथरा, धरमजयगढ़ और ओड़िशा के भीड़भाड़ वाले इलाकों से बाइक चोरी कर उन्हें सस्ते दामों में खपाते थे।
पूछताछ में खुले कई राज
गिरफ्तारी के बाद पूछताछ में सुखदेव चौहान ने कई वारदातों को कबूल किया। उसने बताया कि 2025 से लेकर 2026 तक उसने अलग-अलग बाजारों और गांवों से मोटरसाइकिलें चुराईं और उन्हें सुनसान जगहों पर छिपाकर बाद में बेच दिया। पुलिस रिकॉर्ड में पहले से दर्ज मामलों के साथ इन खुलासों ने केस को और मजबूत किया।

चोरी का तरीका: साधारण औजार, बड़ी वारदात
पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी पेशे से ड्राइवर हैं और वाहन मरम्मत का अनुभव रखते हैं। इसी तकनीकी समझ का फायदा उठाकर वे पेचकस जैसे सामान्य औजारों से बाइक का लॉक तोड़ लेते थे। यह तरीका तेज और कम जोखिम वाला होने के कारण वे लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे थे।
खरीदार भी शिकंजे में
इस मामले में एक अहम पहलू यह रहा कि पुलिस ने चोरी की बाइक खरीदने वालों को भी आरोपी बनाया। कुल 9 लोगों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 14 मोटरसाइकिलें बरामद की गईं, जबकि 7 बाइक मुख्य आरोपी के ठिकाने से मिलीं। इससे साफ है कि यह गिरोह सुनियोजित तरीके से काम कर रहा था।
कई क्षेत्रों में फैला नेटवर्क
जांच में सामने आया कि इस गिरोह की गतिविधियां केवल रायगढ़ जिले तक सीमित नहीं थीं, बल्कि ओड़िशा के कई इलाकों तक फैली हुई थीं। पूंजीपथरा, धरमजयगढ़, कोतबा से लेकर सरगीपाली, उज्जलपुर और लेफरीपारा तक चोरी की घटनाओं की कड़ियां जुड़ती नजर आईं।

टीमवर्क से मिली सफलता
इस पूरी कार्रवाई में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक विजय चेलक और पूंजीपथरा थाना प्रभारी निरीक्षक रामकिंकर यादव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में काम करते हुए टीम ने सटीक रणनीति और समन्वय के साथ इस गिरोह को धर दबोचा।
एसएसपी का स्पष्ट संदेश
एसएसपी शशि मोहन सिंह ने इस कार्रवाई के बाद सख्त संदेश देते हुए कहा कि
“संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल गिरोहों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। चोरी करने वालों के साथ-साथ चोरी की संपत्ति खरीदने वालों को भी बख्शा नहीं जाएगा।”
यह कार्रवाई न सिर्फ एक बड़े चोरी गिरोह का पर्दाफाश है, बल्कि यह भी दर्शाती है कि अब पुलिस अपराध की पूरी श्रृंखला—चोरी से लेकर खरीद तक—पर नजर रख रही है। आने वाले दिनों में फरार आरोपी की गिरफ्तारी और इस नेटवर्क के अन्य पहलुओं के खुलासे की संभावना भी जताई जा रही है।
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