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रायगढ़ औद्योगिक गलियारों में बड़ी सख्ती: सुरक्षा मानकों की अनदेखी पर 5 बड़ी कंपनियों पर आपराधिक कार्रवाई, JSW पर ₹6.40 लाख जुर्माना

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम रायगढ़।
जिले की औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं ने आखिरकार प्रशासन को बड़े कदम उठाने पर मजबूर कर दिया है। औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा विभाग, रायगढ़ द्वारा हाल ही में किए गए व्यापक निरीक्षण में सुरक्षा मानकों की ऐसी खामियां उजागर हुईं कि विभाग ने एक साथ कई प्रतिष्ठित कारखानों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज कर दिए। उप संचालक राहुल पटेल द्वारा की गई जांच में सामने आए तथ्य न केवल चिंताजनक हैं, बल्कि यह संदेश भी देते हैं कि अब जिले में औद्योगिक सुरक्षा को लेकर किसी भी तरह की कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

एन.आर. इस्पात एंड पावर पर पहली कार्रवाई – सुरक्षा इंतज़ामों में गंभीर चूक

निरीक्षण के दौरान सबसे पहले एन.आर. इस्पात एंड पावर प्राइवेट लिमिटेड, सराईपाली का मामला सामने आया। अधिभोगी मोहित कुमार मिश्रा के खिलाफ कारखाना अधिनियम 1948 की धारा 7P(2)(P), 41 तथा नियम 73(1) के उल्लंघन का मामला दर्ज किया गया है। विभागीय जांच में पाया गया कि सुरक्षा प्रावधानों का पालन न करने से श्रमिक दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ गया था।

सिंघल स्टील एंड पावर – दो मामलों में कार्रवाई

दूसरे और चौथे प्रकरण दोनों सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड, तराईमाल से जुड़े हैं।
पहले मामले में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और प्रबंधक जी.के. मिश्रा पर धारा 7P(2)(Box), धारा 41 एवं नियम 73(1) के उल्लंघन का केस दर्ज हुआ। जांच में प्रत्यक्ष पाया गया कि प्लांट में सुरक्षा सिस्टम केवल कागज़ों में सीमित था।

दूसरे मामले में ठेकेदार अजय कुमार दास के विरुद्ध भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 की धारा 44, नियम 47 और उपनियम (5) का उल्लंघन पाया गया। निर्माण कार्य में लगे श्रमिकों को न सुरक्षा उपकरण मिले न मूलभूत सुरक्षा प्रबंधन। यह लापरवाही सीधे मजदूरों की जान जोखिम में डालती पाई गई।

एमएसपी स्टील एंड पावर – मशीनरी सुरक्षा में घोर लापरवाही

जामगांव स्थित एमएसपी स्टील एंड पावर लिमिटेड भी विभाग की निगरानी से नहीं बच पाया। अधिभोगी प्रदीप कुमार डे और प्रबंधक संजय सिंह परिहार के खिलाफ धारा 7P(2)(P) और धारा 21(1)(4) के उल्लंघन का मामला दायर किया गया है। मशीनरी के आसपास सुरक्षा कवच और उपकरणों की कमी को विभाग ने ‘गंभीर खतरा’ की श्रेणी में रखा है।

सबसे बड़ी कार्रवाई JSW स्टील लिमिटेड पर – ₹6.40 लाख जुर्माना

इस पूरे अभियान में सबसे कठोर कार्रवाई JSW स्टील लिमिटेड, नाहरपाली पर हुई है। अधिभोगी गजराज सिंह राठौर और कारखाना प्रबंधक राजकुमार पटेल के विरुद्ध धारा 7P(2)(51), 7P(2)(P), धारा 41 एवं नियम 73(1) सहित कई प्रावधानों के उल्लंघन पाए गए।
मामले की गंभीरता को देखते हुए श्रम न्यायालय रायगढ़ ने कंपनी पर ₹6,40,000 का भारी अर्थदंड लगाया है—जो जिले में हाल के वर्षों में औद्योगिक इकाइयों पर की गई सबसे बड़ी सजा मानी जा रही है।

विभाग का कड़ा संदेश – “सुरक्षा से समझौता बिल्कुल नहीं”

उप संचालक राहुल पटेल ने स्पष्ट कहा है कि श्रमिक सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है और अब किसी भी औद्योगिक प्रतिष्ठान को सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने यह भी चेतावनी जारी की कि अगली बार उल्लंघन पाए जाने पर और अधिक कठोर कार्रवाई तय है।

औद्योगिक क्षेत्र में हलचल

इस कार्रवाई के बाद रायगढ़ के औद्योगिक गलियारों में हलचल बढ़ गई है। कई इकाइयों ने आंतरिक सुरक्षा ऑडिट शुरू कर दिए हैं, जबकि कुछ ने तुरंत सुधारात्मक कदम उठाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। विभाग की इस सख्ती ने यह साफ कर दिया है कि अब रायगढ़ में ‘प्रोडक्शन पहले, सुरक्षा बाद में’ की संस्कृति नहीं चलेगी।

समाचार सहयोगी सिकंदर चौहान

Amar Chouhan

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