578 किसानों की भूमि अधिग्रहण पर कलेक्टर ने मांगे आपत्ति–दावे, 10 दिसंबर अंतिम तिथि

फ्रीलांस एडिटर अमरदीप चौहान/अमरखबर.कॉम
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी भारतमाला परियोजना के तहत उरगा से पत्थलगांव तक लगभग 146 किलोमीटर लंबी सड़क का निर्माण तेजी से आगे बढ़ रहा है। यह राष्ट्रीय महत्व का प्रोजेक्ट रायगढ़ जिले के धरमजयगढ़ अनुविभाग से होकर गुजरता है, जहां 11 ग्रामों के 578 किसानों की भूमि का अधिग्रहण किया गया है।
जिन किसानों की जमीन अधिग्रहित हुई है, उनमें से अधिकांश को मुआवजा वितरित किया जा चुका है, लेकिन कुछ किसान अभी भी भुगतान से वंचित हैं। इसी को लेकर कलेक्टर रायगढ़, भू-अर्जन शाखा ने महत्वपूर्ण इश्तहार जारी करते हुए किसानों से आपत्ति और दावे आमंत्रित किए हैं।
10 दिसंबर तक जमा करें दावा–आपत्ति: कलेक्टर कार्यालय का निर्देश
कलेक्टर (भू-अर्जन शाखा) रायगढ़ द्वारा जारी नोटिस में स्पष्ट किया गया है कि—
यदि किसी किसान को भूमि मूल्यांकन, मुआवजा निर्धारण या भुगतान में किसी भी प्रकार की समस्या, विसंगति या आपत्ति है, तो वह 10 दिसंबर 2025 तक अपने समुचित दस्तावेजों के साथ कक्ष क्रमांक 17, कलेक्टर कार्यालय रायगढ़ में लिखित दावा प्रस्तुत कर सकता है।
निर्धारित तिथि के बाद प्राप्त दावों पर कोई विचार नहीं किया जाएगा।
इस संबंध में पूरी जानकारी जिला वेबसाइट—raigarh.gov.in पर उपलब्ध है।
कितने गांव और किन किसानों की जमीन गई? पूरी सूची जारी
अधिग्रहित जमीन निम्नानुसार है:
बगूडेगा : 1–56
बकारुमा : 57–143
बायसी : 144–237
धरमजयगढ़ : 238–267
रैरूमा खुर्द : 268–323
तेजपुर : 324–340
सीसरिंगा : 341–355
कोयलार : 456–491
खड़गांव : 492–520
बायसी कॉलोनी : 521–565
धरमजयगढ़ कॉलोनी : 566–578
शासन के नियमों के अनुरूप लगभग सभी किसानों को मुआवजा प्रदान किया जा चुका है, सिर्फ 10–12 किसानों का भुगतान लंबित है।
7 किलोमीटर सड़क अभी भी बाधित—KPCL की भूमि होने से कार्य रुका
धरमजयगढ़ क्षेत्र में लगभग 7 किमी का हिस्सा KPCL कोयला कंपनी की जमीन से होकर गुजरता है। कंपनी की भूमि प्रक्रिया अधूरी रहने के कारण यहां निर्माण कार्य प्रारंभ नहीं हो पाया है। इसका असर परियोजना की गति पर भी पड़ रहा है।
भ्रम फैलाने वाले सक्रिय—किसानों को गलत जानकारी देकर गुमराह करने की कोशिश
स्थानीय स्तर पर कुछ ऐसी भी खबरें सामने आई हैं कि कुछ स्वार्थी तत्व अधूरे कानूनी ज्ञान के आधार पर किसानों को गलत सलाह दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि कुछ लोग पूर्व में सड़क और रेल परियोजना में लाभ लेने वालों में शामिल रहे हैं, लेकिन आज किसानों को उचित मार्गदर्शन देने के बजाय अपनी राजनीति चमकाने में लगे हुए हैं।
सरकार ने किया स्पष्ट—जिन्हें मुआवजा नहीं मिला, वे सीधे दावे दर्ज करें
प्रशासन का कहना है कि किसी भी किसान को किसी दलाल या बाहरी व्यक्ति के बहकावे में आने की जरूरत नहीं। जिनका मुआवजा लंबित है, वे सीधे कलेक्टर कार्यालय में दावा–आपत्ति दर्ज कराएं।
किसानों की समस्या का निराकरण प्राथमिकता पर किया जाएगा।
भारतमाला जैसी महत्वपूर्ण परियोजना सिर्फ सड़क निर्माण नहीं, बल्कि दूरस्थ और आदिवासी क्षेत्रों को मुख्यधारा से जोड़ने की अहम कड़ी है।
प्रशासन द्वारा उठाए गए इस पारदर्शी कदम से किसानों की शिकायतें सुनने का अवसर मिलेगा और परियोजना के कार्य में भी तेजी आएगी।