मिलुपारा में विश्व शांति का संकल्प: विधिवत पूजन के साथ महा हरि यज्ञ की आधारशिला, मार्च में होगा विराट आयोजन

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
तमनार। मिलुपारा क्षेत्र आज एक आध्यात्मिक चेतना और सांस्कृतिक गौरव का साक्षी बना, जब विश्व शांति महा हरि यज्ञ के आयोजन हेतु विधिवत पूजन-अर्चन कर अंकुरारोपण किया गया और वैदिक परंपरा के अनुसार धर्म खूंटा की स्थापना संपन्न हुई। इसी के साथ यह भी औपचारिक रूप से घोषित किया गया कि यह विराट महायज्ञ आगामी मार्च माह में भव्य रूप से आयोजित किया जाएगा।
इस पावन अवसर पर डीडीसी बंशीधर चौधरी की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को विशेष महत्व प्रदान किया। वैदिक मंत्रोच्चार, हवन की पवित्र अग्नि और श्रद्धालुओं की सामूहिक सहभागिता ने पूरे वातावरण को भक्तिमय और सकारात्मक ऊर्जा से भर दिया।

यज्ञ की महत्ता पर प्रकाश
कार्यक्रम के दौरान उपस्थित संतजनों और आयोजकों ने विश्व शांति महा हरि यज्ञ की महत्ता पर विस्तार से प्रकाश डालते हुए कहा कि यज्ञ केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि समाज, प्रकृति और मानवता के कल्याण का सशक्त माध्यम है। यज्ञ की अग्नि में आहुति के माध्यम से वातावरण की शुद्धि होती है, मानसिक अशांति का नाश होता है और समाज में सद्भाव, करुणा तथा सहयोग की भावना प्रबल होती है।
वक्ताओं ने कहा कि आज जब विश्व तनाव, हिंसा और असंतुलन के दौर से गुजर रहा है, ऐसे समय में विश्व शांति महा हरि यज्ञ जैसे आयोजनों की प्रासंगिकता और भी बढ़ जाती है। यह यज्ञ मानव मात्र के कल्याण, राष्ट्र की समृद्धि और विश्व में शांति की कामना का प्रतीक है।
सामाजिक और आध्यात्मिक एकता का संदेश
डीडीसी बंशीधर चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि मिलुपारा में इस प्रकार के आयोजन न केवल धार्मिक आस्था को सुदृढ़ करते हैं, बल्कि सामाजिक एकता और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूती प्रदान करते हैं। उन्होंने आयोजन से जुड़े सभी श्रद्धालुओं और आयोजकों को बधाई देते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बनते हैं।

मार्च में होगा भव्य आयोजन
आयोजकों ने जानकारी दी कि मार्च माह में आयोजित होने वाला विश्व शांति महा हरि यज्ञ कई दिनों तक चलेगा, जिसमें दूर-दराज से संत, विद्वान ब्राह्मण और श्रद्धालु भाग लेंगे। यज्ञ के साथ-साथ प्रवचन, भजन-कीर्तन और धार्मिक अनुष्ठानों का भी आयोजन किया जाएगा।
मिलुपारा में आज हुआ यह विधिवत पूजन और धर्म खूंटा स्थापना केवल एक आयोजन की शुरुआत नहीं, बल्कि विश्व शांति, सामाजिक समरसता और आध्यात्मिक चेतना के विराट संकल्प का शुभारंभ है, जो आने वाले समय में पूरे क्षेत्र को सकारात्मक ऊर्जा से आलोकित करेगा।