मध्यान्ह भोजन में लापरवाही और शिक्षकों की अनुपस्थिति पर कलेक्टर सख्त — महलोई स्कूल निरीक्षण में खुली कई परतें

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़। तमनार विकासखंड के सुदूर वनांचल क्षेत्र में स्थित महलोई के प्राथमिक और पूर्व माध्यमिक विद्यालय में गुरुवार को उस समय हलचल मच गई, जब कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी अचानक निरीक्षण के लिए पहुंच गए। बिना पूर्व सूचना के हुए इस औचक दौरे ने न केवल विद्यालय की व्यवस्थाओं की हकीकत उजागर की, बल्कि जिम्मेदारों की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े कर दिए।
निरीक्षण के दौरान दो शिक्षक अनुपस्थित पाए गए। उपस्थिति पंजी के परीक्षण में यह सामने आया कि संबंधित शिक्षकों ने लगातार आकस्मिक अवकाश (सीएल) और निर्वाचन कार्यों का हवाला देते हुए अनुपस्थिति दर्ज कराई है। इस पर कलेक्टर ने तहसीलदार को स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन तिथियों में निर्वाचन प्रशिक्षण अथवा ड्यूटी का उल्लेख है, उसकी वस्तुस्थिति की बिंदुवार जांच कर प्रतिवेदन प्रस्तुत किया जाए। साथ ही अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण तलब करने के आदेश भी दिए गए।
विद्यालय के शैक्षणिक संचालन पर भी सवाल उठे। प्रधानपाठक श्री दुल्ली चंदन पटेल से जब अवकाश, पठन-पाठन की स्थिति और शिक्षकीय अनुशासन के संबंध में जानकारी मांगी गई तो वे स्पष्ट और संतोषजनक उत्तर देने में असमर्थ रहे। कलेक्टर ने इसे प्रशासनिक उदासीनता मानते हुए कड़ी नाराजगी जताई और शिक्षा विभाग को प्रधानपाठक के विरुद्ध सीधे पत्र जारी कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विकासखंड शिक्षा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण नहीं किए जाने पर भी असंतोष व्यक्त किया गया।
निरीक्षण का एक महत्वपूर्ण पक्ष मध्यान्ह भोजन योजना से जुड़ा रहा। कलेक्टर ने बच्चों को परोसे जा रहे भोजन—दाल, चावल और सब्जी—की गुणवत्ता का स्वयं परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि निर्धारित मेन्यू के अनुरूप भोजन तैयार नहीं किया गया था। हरी सब्जी के स्थान पर टमाटर की चटनी परोसी गई थी, जो मानक मेन्यू का हिस्सा नहीं थी। ग्रामीणों ने भी भोजन की गुणवत्ता और मेन्यू पालन में लापरवाही की शिकायत की।
इस पर कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश दिए कि संबंधित महालक्ष्मी स्व-सहायता समूह के विरुद्ध आवश्यक कार्रवाई की जाए और मध्यान्ह भोजन संचालन का दायित्व किसी अन्य सक्षम समूह को सौंपा जाए। उन्होंने दो टूक कहा कि बच्चों की शिक्षा और पोषण से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत सीईओ, घरघोड़ा एसडीएम और तमनार तहसीलदार भी उपस्थित रहे। वनांचल के इस छोटे से विद्यालय में हुई यह कार्रवाई संकेत देती है कि प्रशासन अब शिक्षा और पोषण योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सीधी नजर रख रहा है। आने वाले दिनों में इस निरीक्षण के आधार पर क्या कार्रवाई होती है, इस पर सबकी नजर रहेगी।