मजदूरों की जान से खिलवाड़ पड़ा महंगा, सुरक्षा नियम तोड़ने वाले 6 प्लांटों पर कड़ी कार्रवाई

Freelance editor Amardeep chauhan @ http://amarkhabar.com
रायगढ़ जिले में औद्योगिक इकाइयों में लगातार हो रही दुर्घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए जिला प्रशासन ने साफ संकेत दे दिए हैं कि अब श्रमिक सुरक्षा के मामले में कोई रियायत नहीं दी जाएगी। सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले उद्योगों पर न सिर्फ नजर रखी जा रही है, बल्कि नियम तोड़ने पर सीधे सख्त कार्रवाई भी की जा रही है।
कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी के निर्देशन में औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा से जुड़े मामलों की नियमित समीक्षा की जा रही है। प्रशासन का फोकस साफ है—कारखानों में काम करने वाले श्रमिक सुरक्षित रहें और किसी भी तरह की लापरवाही दोहराई न जाए। इसी कड़ी में जिले के विभिन्न औद्योगिक प्रतिष्ठानों में हुई दुर्घटनाओं के बाद किए गए निरीक्षणों में कई गंभीर खामियां सामने आईं।

कार्यालय उप संचालक, औद्योगिक स्वास्थ्य एवं सुरक्षा, रायगढ़ द्वारा किए गए निरीक्षणों में श्रमिक सुरक्षा से जुड़े नियमों का खुला उल्लंघन पाया गया। इसके बाद कारखाना अधिनियम 1948, छत्तीसगढ़ कारखाना नियमावली 1962 और भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम 1996 के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 6 औद्योगिक इकाइयों के खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किए गए। ये सभी प्रकरण श्रम न्यायालय, रायगढ़ में प्रस्तुत किए गए थे, जिनका निपटारा दिसंबर 2025 में हुआ।
न्यायालय की सुनवाई के बाद सुरक्षा मानकों के उल्लंघन का दोषी पाए जाने पर संबंधित इकाइयों के अधिभोगियों और कारखाना प्रबंधकों पर लाखों रुपये का अर्थदंड लगाया गया। खरसिया रोड स्थित जिंदल स्टील एंड पावर लिमिटेड की 1 एमपीए स्लैग ग्राइंडिंग यूनिट में नियमों की अनदेखी पर अधिभोगी सब्यसाची बन्योपाध्याय और कारखाना प्रबंधक अमरेश पांडे को अलग-अलग 1.50 लाख रुपये का जुर्माना भरना पड़ा।

इसी तरह ग्राम तराईमाल स्थित नलवा स्पेशल स्टील लिमिटेड में सुरक्षा इंतजामों में कमी पाए जाने पर अधिभोगी सरदार सिंह राठी और कारखाना प्रबंधक रविन्द्र सिंह चौहान पर 1.40 लाख रुपये का अर्थदंड लगाया गया। तराईमाल की ही एक अन्य इकाई, सिंघल स्टील एंड पावर लिमिटेड में भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार अधिनियम के उल्लंघन पर संचालक विनय कुमार शर्मा और ठेकेदार अजय कुमार दास को 6-6 हजार रुपये के जुर्माने से दंडित किया गया। इसी प्लांट में कारखाना अधिनियम के तहत दर्ज एक अन्य मामले में अधिभोगी विनय कुमार शर्मा और कारखाना प्रबंधक जी.के. मिश्र पर कुल 2.80 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया।
इसके अलावा एनआरवीएस स्टील्स लिमिटेड, ग्राम तराईमाल में अधिभोगी और कारखाना प्रबंधक पवन अग्रवाल को 1.60 लाख रुपये तथा एन.आर. इस्पात एंड पावर प्रा.लि., ग्राम गौरमुड़ी, पोस्ट सराईपाली में अधिभोगी और कारखाना प्रबंधक मोहित कुमार मिश्रा को भी 1.60 लाख रुपये का अर्थदंड भुगतना पड़ा।

इस कार्रवाई को लेकर कलेक्टर मयंक चतुर्वेदी ने साफ शब्दों में कहा है कि औद्योगिक इकाइयों में काम करने वाले श्रमिकों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। किसी भी स्तर पर सुरक्षा नियमों की अनदेखी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। भविष्य में भी यदि नियमों का उल्लंघन पाया गया तो कानून के अनुसार और भी कठोर कदम उठाए जाएंगे।
प्रशासन की इस सख्ती को जिले के औद्योगिक क्षेत्र में एक कड़े संदेश के रूप में देखा जा रहा है—अब उत्पादन से पहले सुरक्षा, और लापरवाही की कीमत तय है।